📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tri-Triyani-17
अपराध
हिमाचल के मंडी जेल में कैदियों की संख्या मानक क्षमता से तीन गुना, जेलों में 30% भीड़भाड़
✍️ The Indian Express
🗓 24 अग. 2026, 11:36 PM
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संसदीय समिति ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के जेलों में 30% अधिक भीड़ है, और मंडी जेल में मानक क्षमता से तीन गुना अधिक कैदी हैं।
हिमाचल प्रदेश के जेलों में भीड़भाड़ की गंभीर समस्या को उजागर करते हुए एक संसदीय निरीक्षण समिति ने बताया कि राज्य के कारागार अपनी मान्य क्षमता से 130% तक काम कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि मंडी केंद्रीय जेल सबसे अधिक प्रभावित है, जहाँ कैदियों की संख्या निर्धारित क्षमता से लगभग तीन गुना अधिक है।
भारी भीड़भाड़ से कैदियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और जेल कर्मचारियों की व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि संकुचित परिस्थितियों से संक्रामक रोगों का प्रसार बढ़ सकता है और कैदियों के बीच तनाव बढ़कर असंतोष उत्पन्न हो सकता है।
राज्य सरकार से मौजूदा बुनियादी ढाँचे का विस्तार करने या नए कारागार निर्माण को तेज करने का आग्रह किया गया है। समिति ने सजा नीतियों की पुनः समीक्षा और गैर‑हिंसक अपराधियों के लिए जमानत या सामुदायिक सेवा जैसे विकल्पों को अपनाने की भी सिफारिश की है, ताकि जेलों पर दबाव कम हो सके।
सरकार ने इन निष्कर्षों को स्वीकार किया है, परंतु अभी तक सुधारात्मक कदमों के लिए कोई स्पष्ट समय‑सीमा नहीं बताई गई है, जिससे नागरिक समाज समूहों ने कैदियों के अधिकारों की रक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
भारी भीड़भाड़ से कैदियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और जेल कर्मचारियों की व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि संकुचित परिस्थितियों से संक्रामक रोगों का प्रसार बढ़ सकता है और कैदियों के बीच तनाव बढ़कर असंतोष उत्पन्न हो सकता है।
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सरकार ने इन निष्कर्षों को स्वीकार किया है, परंतु अभी तक सुधारात्मक कदमों के लिए कोई स्पष्ट समय‑सीमा नहीं बताई गई है, जिससे नागरिक समाज समूहों ने कैदियों के अधिकारों की रक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग की है।