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28 सित. 2026•
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मानिकपुर खदान विस्तार से प्रभावित ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से लगाई गुहार

मानिकपुर खदान विस्तार से प्रभावित ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से लगाई गुहार

✍️ रिपोर्टर: Vishwanath Pratap Singh 🗓 13 सित. 2026, 07:00 PM 👁 54
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SECL की मानिकपुर ओपन कास्ट कोल परियोजना के विस्तार को लेकर आगामी 25 सितंबर 2026 को प्रस्तावित पर्यावरणीय जनसुनवाई से पहले प्रभावित 8 गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने SECL मानिकपुर प्रभावित (भू-विस्थापित) समिति के बैनर तले पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से मुलाकात की। ग्रामीणों ने कलेक्टर, कोरबा के नाम संबोधित ज्ञापन की प्रति पूर्व मंत्री को सौंपते हुए आग्रह किया कि जनसुनवाई से पहले उनकी वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान कराया जाए।
25 सितंबर की जनसुनवाई से पहले मुआवजा, रोजगार एवं पुनर्वास की लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि मानिकपुर खदान की प्रस्तावित क्षमता में वृद्धि से अनेक गांवों और परिवारों पर प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पड़ रहा है। भिलाई खुर्द क्रमांक 1, 2 एवं 3, बरबसपुर, कर्रानाला, कदमहाखार, इमलीडुग्गू, रामपखरा, मानिकपुर, दादरखुर्द, ढेलवाडीह एवं कुदरी बस्ती सहित आसपास के प्रभावित परिवारों की भूमि, मकान और आजीविका परियोजना से जुड़ी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण अथवा विस्थापन केवल जमीन का मामला नहीं है, बल्कि पूरे परिवार की आजीविका और भविष्य का प्रश्न है। वर्षों से अपनी जमीन पर निर्भर परिवारों के सामने विस्थापन के बाद बच्चों की शिक्षा, परिवार के भरण-पोषण और स्थायी आय की व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने न्यायसंगत एवं लंबित मुआवजे का शीघ्र भुगतान, पात्र प्रभावित परिवारों को रोजगार, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) की समुचित व्यवस्था, छूटे हुए मकानों एवं परिवारों का पुनः सर्वेक्षण तथा पात्रता के अनुसार सभी प्रभावितों के अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने प्रशासन एवं SECL प्रबंधन से आग्रह किया कि 25 सितंबर को जनसुनवाई आयोजित करने से पहले इन लंबित मुद्दों पर स्पष्ट एवं ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि परियोजना विस्तार की प्रक्रिया में उनकी सहमति एवं आपत्तियों को केवल औपचारिकता न माना जाए, बल्कि प्रत्येक प्रभावित परिवार की वास्तविक स्थिति को समझकर समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाए।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं का लाभ क्षेत्र और प्रदेश को मिलना महत्वपूर्ण है, लेकिन विकास की कीमत उन परिवारों को नहीं चुकानी चाहिए जिन्हें अपनी जमीन, घर और आजीविका का त्याग करना पड़ रहा है। प्रभावित परिवारों के मुआवजे, रोजगार, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से जुड़े अधिकारों का न्यायपूर्ण समाधान होना चाहिए।

जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि जनसुनवाई तभी सार्थक होगी जब प्रभावित ग्रामीणों की वास्तविक समस्याओं और आपत्तियों को गंभीरता से सुना और उनका समाधान करने की दिशा में ठोस पहल की जाए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी जायज मांगों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाने में वे पूरा सहयोग करेंगे तथा जब भी आवश्यकता होगी, प्रभावित ग्रामीणों के साथ खड़े रहेंगे।

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन और SECL प्रबंधन जनसुनवाई से पूर्व उनकी लंबित समस्याओं पर सकारात्मक पहल करते हुए ऐसा समाधान सुनिश्चित करेंगे, जिससे परियोजना का विकास भी आगे बढ़े और विस्थापित परिवारों का भविष्य भी सुरक्षित हो।
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