स्थानीय
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर को जयंती पर किया नमन
पटना में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर आयोजित राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने दिनकर के साहित्यिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को स्मरण किया।
पटना। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के अवसर पर बुधवार को पटना के दिनकर चौक, नाला रोड स्थित गोलंबर पर राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रकवि दिनकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और नमन किया।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के साहित्यिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं ने देशभक्ति, सामाजिक चेतना, राष्ट्रीय स्वाभिमान और जनभावनाओं को स्वर देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि दिनकर की साहित्यिक कृतियां आज भी समाज और नई पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करती हैं।
राजकीय समारोह के दौरान दिनकर चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर मुख्यमंत्री ने उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी राष्ट्रकवि दिनकर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
रामधारी सिंह दिनकर हिंदी साहित्य के ऐसे प्रखर रचनाकार रहे हैं, जिनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम, वीरता, सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं का प्रभावशाली समावेश देखने को मिलता है। उनकी साहित्यिक विरासत बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। जयंती समारोह के माध्यम से राष्ट्रकवि दिनकर के विचारों, साहित्य और उनके राष्ट्रवादी चिंतन को स्मरण करते हुए नई पीढ़ी तक उनके संदेश को पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया गया।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के साहित्यिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं ने देशभक्ति, सामाजिक चेतना, राष्ट्रीय स्वाभिमान और जनभावनाओं को स्वर देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि दिनकर की साहित्यिक कृतियां आज भी समाज और नई पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करती हैं।
राजकीय समारोह के दौरान दिनकर चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर मुख्यमंत्री ने उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी राष्ट्रकवि दिनकर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
रामधारी सिंह दिनकर हिंदी साहित्य के ऐसे प्रखर रचनाकार रहे हैं, जिनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम, वीरता, सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं का प्रभावशाली समावेश देखने को मिलता है। उनकी साहित्यिक विरासत बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। जयंती समारोह के माध्यम से राष्ट्रकवि दिनकर के विचारों, साहित्य और उनके राष्ट्रवादी चिंतन को स्मरण करते हुए नई पीढ़ी तक उनके संदेश को पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया गया।