स्थानीय
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन के दशहरा मैदान में रिदम सांस्कृतिक संध्या प्रस्तुति डांडिया महोत्सव 2026 के गरबा कार्यक्रम में भाग लिया
उज्जैन के दशहरा मैदान में रिदम सांस्कृतिक समिति द्वारा 18 वर्षों से चल रहे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गरबा में हिस्सा लिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए आह्वान किया।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन प्रवास के दौरान रिदम सांस्कृतिक संध्या प्रस्तुति डांडिया महोत्सव 2026 के दशहरा मैदान में आयोजित गरबा कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के आयोजकों ने उन्हें आत्मीय स्वागत किया और मुख्यमंत्री ने बताया कि रिदम सांस्कृतिक समिति द्वारा यह कार्यक्रम 18 वर्षों से लगातार चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम को अद्भुत बताया और आमजन को माता की भक्ति के साथ गरबे के कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मां जगदंबा की आशीर्वाद की कामना करते हुए कहा कि परसों यहाँ दशहरे का उत्सव मनाया जाएगा और भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी उज्जैन दक्षिण में धूमधाम से निकाली जाएगी।
इस कार्यक्रम में बैंड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी होंगी। मुख्यमंत्री ने बाबा की कृपा से उज्जैन के वैभव को बढ़ते हुए देखा और बताया कि सरकार जन कल्याणकारी कामों के लिए लगातार कार्यरत है। उन्होंने उज्जैन के इतिहास और सनातन संस्कृति से संबंधित प्रश्न भी जनता से पूछे।
मुख्यमंत्री ने गरबा करने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया और अपनी ओर से शुभकामनाएँ दीं, यह आश्वासन देते हुए कि उज्जैन का सांस्कृतिक और सामाजिक विकास आगे भी निरंतर बढ़ता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम को अद्भुत बताया और आमजन को माता की भक्ति के साथ गरबे के कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मां जगदंबा की आशीर्वाद की कामना करते हुए कहा कि परसों यहाँ दशहरे का उत्सव मनाया जाएगा और भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी उज्जैन दक्षिण में धूमधाम से निकाली जाएगी।
इस कार्यक्रम में बैंड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी होंगी। मुख्यमंत्री ने बाबा की कृपा से उज्जैन के वैभव को बढ़ते हुए देखा और बताया कि सरकार जन कल्याणकारी कामों के लिए लगातार कार्यरत है। उन्होंने उज्जैन के इतिहास और सनातन संस्कृति से संबंधित प्रश्न भी जनता से पूछे।
मुख्यमंत्री ने गरबा करने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया और अपनी ओर से शुभकामनाएँ दीं, यह आश्वासन देते हुए कि उज्जैन का सांस्कृतिक और सामाजिक विकास आगे भी निरंतर बढ़ता रहेगा।