देश
मुख्य समाचार: WhatsApp पर ₹2,000 मुफ़्त मिलने का दावा करने वाला 'लिंक गेम' निकला महा-स्कैम, एक क्लिक और बैंक खाता साफ!
मुख्य समाचार: WhatsApp पर ₹2,000 मुफ़्त मिलने का दावा करने वाला 'लिंक गेम' निकला महा-स्कैम, एक क्लिक और बैंक खाता साफ!
[PHOTO 1: यहां स्कैम वाले WhatsApp मैसेज का स्क्रीनशॉट लगाएं, जिसमें ₹2,000 का लालच और फर्जी लिंक दिख रहा हो]
नई दिल्ली/उत्तर प्रदेश:
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप पर इन दिनों एक नया और बेहद खतरनाक 'गेम' वायरल हो रहा है। यूजर्स के मोबाइल पर एक मैसेज आ रहा है जिसमें लिखा होता है- "मुझे लगा था यह फेक है, लेकिन मुझे सच में ₹2,000 मिल गए! आप भी इस लिंक को खोलकर आजमाएं और दूसरों को शेयर करें।"
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और पुलिस ने आम जनता को आगाह किया है कि यह कोई सरकारी या कंपनी का ऑफर नहीं, बल्कि एक सोची-समझी "फिशिंग और मैलवेयर ट्रिक" है।
कैसे जाल में फंसाते हैं साइबर ठग?
यह स्कैम पूरी तरह से लालच और भरोसे पर काम करता है। जब कोई यूजर इस संदिग्ध लिंक पर क्लिक करता है, तो उसके फोन में बैकग्राउंड में एक खतरनाक वायरस (Malware) डाउनलोड हो जाता है। इसके बाद यूजर से उसकी पर्सनल डिटेल्स, बैंकिंग आईडी या यूपीआई पिन मांगकर चंद मिनटों में उसका पूरा बैंक अकाउंट खाली कर दिया जाता है। चूंकि इस मैसेज को आगे शेयर करने का दबाव होता है, इसलिए लोग अनजाने में इसे अपने दोस्तों और परिवार को भेजकर उन्हें भी खतरे में डाल देते हैं।
सावधान! एक्सपर्ट्स की इन बातों को नोट कर लें
[PHOTO 2: यहां साइबर पुलिस का लोगो या जागरूक करते हुए किसी अधिकारी की फोटो लगाएं]
साइबर सेल ने इस फ्रॉड से बचने के लिए तुरंत गाइडलाइंस जारी की हैं:
1. लालच वाले लिंक से दूर रहें: कोई भी कंपनी या सरकार इस तरह व्हाट्सऐप मैसेज भेजकर या लिंक शेयर करवाकर मुफ़्त में पैसे नहीं बांटती।
2. लिंक की पहचान करें: ऐसे फर्जी संदेशों के साथ दिए गए लिंक अजीबोगरीब (जैसे .buzz, .xyz) होते हैं, जो किसी ऑफिशियल वेबसाइट के नहीं होते।
3. शेयर करने की गलती न करें: अगर आपके किसी करीबी ने भी यह मैसेज भेजा है, तो उन्हें तुरंत फोन करके बताएं कि उनका फोन हैक हो सकता है और इसे आगे किसी को न भेजें।
क्या करें अगर गलती से क्लिक हो गया हो?
• तुरंत अपने फोन का इंटरनेट बंद करें और बैंकिंग ऐप्स के पासवर्ड बदलें।
• अपने बैंक को तुरंत सूचित करें ताकि खाता ब्लॉक किया जा सके।
• किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर '1930' पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं
[PHOTO 1: यहां स्कैम वाले WhatsApp मैसेज का स्क्रीनशॉट लगाएं, जिसमें ₹2,000 का लालच और फर्जी लिंक दिख रहा हो]
नई दिल्ली/उत्तर प्रदेश:
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप पर इन दिनों एक नया और बेहद खतरनाक 'गेम' वायरल हो रहा है। यूजर्स के मोबाइल पर एक मैसेज आ रहा है जिसमें लिखा होता है- "मुझे लगा था यह फेक है, लेकिन मुझे सच में ₹2,000 मिल गए! आप भी इस लिंक को खोलकर आजमाएं और दूसरों को शेयर करें।"
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और पुलिस ने आम जनता को आगाह किया है कि यह कोई सरकारी या कंपनी का ऑफर नहीं, बल्कि एक सोची-समझी "फिशिंग और मैलवेयर ट्रिक" है।
कैसे जाल में फंसाते हैं साइबर ठग?
यह स्कैम पूरी तरह से लालच और भरोसे पर काम करता है। जब कोई यूजर इस संदिग्ध लिंक पर क्लिक करता है, तो उसके फोन में बैकग्राउंड में एक खतरनाक वायरस (Malware) डाउनलोड हो जाता है। इसके बाद यूजर से उसकी पर्सनल डिटेल्स, बैंकिंग आईडी या यूपीआई पिन मांगकर चंद मिनटों में उसका पूरा बैंक अकाउंट खाली कर दिया जाता है। चूंकि इस मैसेज को आगे शेयर करने का दबाव होता है, इसलिए लोग अनजाने में इसे अपने दोस्तों और परिवार को भेजकर उन्हें भी खतरे में डाल देते हैं।
सावधान! एक्सपर्ट्स की इन बातों को नोट कर लें
[PHOTO 2: यहां साइबर पुलिस का लोगो या जागरूक करते हुए किसी अधिकारी की फोटो लगाएं]
साइबर सेल ने इस फ्रॉड से बचने के लिए तुरंत गाइडलाइंस जारी की हैं:
1. लालच वाले लिंक से दूर रहें: कोई भी कंपनी या सरकार इस तरह व्हाट्सऐप मैसेज भेजकर या लिंक शेयर करवाकर मुफ़्त में पैसे नहीं बांटती।
2. लिंक की पहचान करें: ऐसे फर्जी संदेशों के साथ दिए गए लिंक अजीबोगरीब (जैसे .buzz, .xyz) होते हैं, जो किसी ऑफिशियल वेबसाइट के नहीं होते।
3. शेयर करने की गलती न करें: अगर आपके किसी करीबी ने भी यह मैसेज भेजा है, तो उन्हें तुरंत फोन करके बताएं कि उनका फोन हैक हो सकता है और इसे आगे किसी को न भेजें।
क्या करें अगर गलती से क्लिक हो गया हो?
• तुरंत अपने फोन का इंटरनेट बंद करें और बैंकिंग ऐप्स के पासवर्ड बदलें।
• अपने बैंक को तुरंत सूचित करें ताकि खाता ब्लॉक किया जा सके।
• किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर '1930' पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं