📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dausaanoop
अपराध
पंजाब के एंटी‑ड्रग एक्टिविस्ट की हत्या के मुख्य आरोपी की राजस्थान के सालासर में गिरफ्तारी
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 14 अक्टू. 2026, 01:31 PM
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राजस्थान के चूरू जिले के सालासर में पुलिस ने अश्विनी कुमार को हिरासत में लिया, जो पंजाब के मानसा में एंटी‑ड्रग कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मुख्य आरोपी हैं।
राजस्थान के चूरू जिले के सालासर में पुलिस ने अश्विनी कुमार को हिरासत में लिया, जिन्हें पंजाब के मानसा जिले में एंटी‑ड्रग कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मुख्य आरोपी माना गया है। यह गिरफ्तारी एक समन्वित ऑपरेशन के बाद हुई, जिसमें सालासर के उनके निवास स्थान की पहचान की गई।
परविंदर सिंह झोटा, जो पंजाब में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाते थे, का जून की शुरुआत में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मानसा पुलिस ने फोरेंसिक सबूत और गवाहों की गवाही के आधार पर अश्विनी कुमार को मुख्य संदिग्ध के रूप में नामित किया था।
रजत प्रदेश की पुलिस ने बताया कि हत्याकांड के बाद संदिग्ध ने राज्य छोड़ने की कोशिश की, जिससे दो‑राज्यीय खोज शुरू हुई। वाहन रजिस्ट्रेशन डेटा और मोबाइल ट्रैकिंग के माध्यम से जांचकर्ताओं ने कुमार को सालासर में ढूँढ़ निकाला और बिना किसी हिंसा के गिरफ्तार किया। अब वह ज्यूडिशियल कस्टडी में है और आगे की पूछताछ के लिए पंजाब पुलिस को सौंपा जाएगा।
जांच जारी है, और दोनों राज्यों के अधिकारियों ने इस मामले में संभावित बड़े नेटवर्क को उजागर करने के लिए सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया है। अभी तक कोई अतिरिक्त गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली है।
परविंदर सिंह झोटा, जो पंजाब में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाते थे, का जून की शुरुआत में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मानसा पुलिस ने फोरेंसिक सबूत और गवाहों की गवाही के आधार पर अश्विनी कुमार को मुख्य संदिग्ध के रूप में नामित किया था।
रजत प्रदेश की पुलिस ने बताया कि हत्याकांड के बाद संदिग्ध ने राज्य छोड़ने की कोशिश की, जिससे दो‑राज्यीय खोज शुरू हुई। वाहन रजिस्ट्रेशन डेटा और मोबाइल ट्रैकिंग के माध्यम से जांचकर्ताओं ने कुमार को सालासर में ढूँढ़ निकाला और बिना किसी हिंसा के गिरफ्तार किया। अब वह ज्यूडिशियल कस्टडी में है और आगे की पूछताछ के लिए पंजाब पुलिस को सौंपा जाएगा।
जांच जारी है, और दोनों राज्यों के अधिकारियों ने इस मामले में संभावित बड़े नेटवर्क को उजागर करने के लिए सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया है। अभी तक कोई अतिरिक्त गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली है।