📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vikas.patidar22
अपराध
महेश्वर कोर्ट ने एससी‑एसटी एक्ट में चार आरोपी को बरी किया, पुलिस पर जांच का आदेश
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 06 अक्टू. 2026, 11:15 PM
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महेश्वर के मंडलेश्वर विशेष न्यायालय ने एससी‑एसटी एक्ट मामले में चार आरोपी को बरी किया, पुलिस की जाँच में गंभीर चूकों को उजागर कर टी आई गॉयल सहित अधिकारियों पर नई जांच का आदेश दिया।
मध्य प्रदेश के महेश्वर स्थित मंडलेश्वर विशेष न्यायालय ने एससी‑एसटी एक्ट के तहत आरोपित चार व्यक्तियों को बरी कर दिया। न्यायालय ने पुलिस जाँच में कई प्रक्रियात्मक चूकों को उजागर किया, विशेष रूप से स्वतंत्र गवाहों के बयान न लेने को प्रमुख कमी बताया।
जज ने कहा कि बिना गवाहों के बयान के तैयार की गई जाँच रिपोर्ट पर्याप्त नहीं है और यह न्यायसंगत जांच के मानकों को पूरा नहीं करती। इस कारण, अदालत ने पुलिस के कार्य में संभावित लापरवाही या पक्षपात की जांच का आदेश दिया।
आदेश में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी टी आई गॉयल सहित कई अधिकारियों की पुनः जाँच शामिल है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रारम्भिक जाँच में कोई त्रुटि या दुरुपयोग तो नहीं हुआ।
यह फैसला संवेदनशील जाति‑सम्बंधी मामलों में पुलिस कार्य की पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने के लिए न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है।
जज ने कहा कि बिना गवाहों के बयान के तैयार की गई जाँच रिपोर्ट पर्याप्त नहीं है और यह न्यायसंगत जांच के मानकों को पूरा नहीं करती। इस कारण, अदालत ने पुलिस के कार्य में संभावित लापरवाही या पक्षपात की जांच का आदेश दिया।
आदेश में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी टी आई गॉयल सहित कई अधिकारियों की पुनः जाँच शामिल है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रारम्भिक जाँच में कोई त्रुटि या दुरुपयोग तो नहीं हुआ।
यह फैसला संवेदनशील जाति‑सम्बंधी मामलों में पुलिस कार्य की पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने के लिए न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है।