📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Greenarth
शिक्षा
महाराष्ट्र के ‘दिशा’ अभियान ने 450 स्कूलों में 21,000 से अधिक दिव्यांग छात्रों को मदद पहुंचाई
✍️ Mid-Day
🗓 04 सित. 2026, 04:33 AM
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राज्य सरकार के दिशा अभियान ने 450 स्कूलों में 21,000 से अधिक दिव्यांग बच्चों को शामिल किया, मुख्यमंत्री ने बताया।
महाराष्ट्र सरकार ने बताया कि दिशा कार्यक्रम ने अब 450 स्कूलों में 21,000 से अधिक दिव्यांग बच्चों तक पहुंच बना ली है, यह आंकड़ा मुख्यमंत्री के बयान में आया। यह पहल विशेष रूप से विशेष शिक्षा को बढ़ावा देने और सभी प्रकार के छात्रों को समान अवसर देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
दिशा योजना में स्कूलों को विशेष शिक्षण सामग्री, प्रशिक्षित शिक्षक और बुनियादी ढांचे में सुधार प्रदान किया जाता है। भाग लेने वाले स्कूलों को सहायक उपकरण, अनुकूलित पाठ्यक्रम और नियमित निगरानी मिलती है, जिससे छात्रों को आवश्यक सहायता मिल सके।
यह कार्यान्वयन मुंबई से नागपुर तक के जिलों में फैला है, जहाँ राज्य के अधिकारी स्थानीय शैक्षिक प्राधिकरणों के साथ मिलकर योग्य बच्चों और स्कूलों की पहचान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का लक्ष्य समान शैक्षिक माहौल बनाना है, जिससे दिव्यांग छात्र मुख्यधारा की शिक्षा में भाग ले सकें।
आगे बढ़ते हुए, सरकार स्कूलों के नेटवर्क को और विस्तारित करने और परामर्श एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसी अतिरिक्त सेवाएँ जोड़ने की योजना बना रही है, जिससे दीर्घकालिक समावेशी शिक्षा सुनिश्चित हो सके।
दिशा योजना में स्कूलों को विशेष शिक्षण सामग्री, प्रशिक्षित शिक्षक और बुनियादी ढांचे में सुधार प्रदान किया जाता है। भाग लेने वाले स्कूलों को सहायक उपकरण, अनुकूलित पाठ्यक्रम और नियमित निगरानी मिलती है, जिससे छात्रों को आवश्यक सहायता मिल सके।
यह कार्यान्वयन मुंबई से नागपुर तक के जिलों में फैला है, जहाँ राज्य के अधिकारी स्थानीय शैक्षिक प्राधिकरणों के साथ मिलकर योग्य बच्चों और स्कूलों की पहचान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का लक्ष्य समान शैक्षिक माहौल बनाना है, जिससे दिव्यांग छात्र मुख्यधारा की शिक्षा में भाग ले सकें।
आगे बढ़ते हुए, सरकार स्कूलों के नेटवर्क को और विस्तारित करने और परामर्श एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसी अतिरिक्त सेवाएँ जोड़ने की योजना बना रही है, जिससे दीर्घकालिक समावेशी शिक्षा सुनिश्चित हो सके।