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महाराष्ट्र के सीएम फडनवीस ने भूमि टोकनाइज़ेशन के लिए विधेयक पेश किया
✍️ Hindustan Times
🗓 09 सित. 2026, 04:41 PM
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने भूमि टोकनाइज़ेशन के लिए विधायी रूपरेखा पेश की, जिससे कानूनी स्पष्टता और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने भूमि के टोकनाइज़ेशन के लिए एक विधायी रूपरेखा पेश की, जिससे इस प्रकार के डिजिटल संपत्ति को कानूनी मान्यता मिलेगी। प्रस्ताव में ब्लॉकचेन प्लेटफ़ॉर्म पर टोकन‑आधारित भूमि पंजीकरण और हस्तांतरण की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है।
विधेयक का मुख्य उद्देश्य टोकन धारकों के अधिकार‑दायित्व को परिभाषित करके कानूनी स्पष्टता प्रदान करना और लेन‑देन की निगरानी के लिए एक नियामक प्राधिकरण स्थापित करना है। उपभोक्ता सुरक्षा के तहत अनिवार्य प्रकटीकरण मानक, शिकायत निवारण तंत्र और धोखाधड़ी रोकथाम के उपाय शामिल किए गए हैं।
राज्य के अधिकारियों का कहना है कि यह ढांचा भूमि संपत्तियों की तरलता बढ़ाएगा, निवेश को आकर्षित करेगा और पारंपरिक लेन‑देन की लागत को कम करेगा। इस विधेयक को इस वर्ष के अंत में महाराष्ट्र विधानसभा में प्रस्तुत करने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत में डिजिटल संपत्ति नियमन के लिए एक मॉडल स्थापित हो सकता है, जिससे अन्य राज्यों में समान पहल को प्रेरणा मिल सकती है।
विधेयक का मुख्य उद्देश्य टोकन धारकों के अधिकार‑दायित्व को परिभाषित करके कानूनी स्पष्टता प्रदान करना और लेन‑देन की निगरानी के लिए एक नियामक प्राधिकरण स्थापित करना है। उपभोक्ता सुरक्षा के तहत अनिवार्य प्रकटीकरण मानक, शिकायत निवारण तंत्र और धोखाधड़ी रोकथाम के उपाय शामिल किए गए हैं।
राज्य के अधिकारियों का कहना है कि यह ढांचा भूमि संपत्तियों की तरलता बढ़ाएगा, निवेश को आकर्षित करेगा और पारंपरिक लेन‑देन की लागत को कम करेगा। इस विधेयक को इस वर्ष के अंत में महाराष्ट्र विधानसभा में प्रस्तुत करने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत में डिजिटल संपत्ति नियमन के लिए एक मॉडल स्थापित हो सकता है, जिससे अन्य राज्यों में समान पहल को प्रेरणा मिल सकती है।