Health
महिलाओं ने दारू पर प्रतिबंध की मांग, आवाज़ उठाई
स्थानीय महिलाओं ने दारू सेवन को रोकने के लिए सख़्त कदमों की मांग की, यह संदेश स्पष्ट किया कि दारू से परिवार में बाप और लड़के दोनों प्रभावित होते हैं।
स्थानीय महिलाओं ने दारू के दुरुपयोग के विरुद्ध एकत्रित होकर अपनी मांग रखी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि दारू से न केवल परिवार का बाप, बल्कि लड़के भी प्रभावित होते हैं, इसलिए दारू पर प्रतिबंध आवश्यक है।
इस आंदोलन में कई महिलाएँ भागी और उन्होंने "दारू छोड़ो सैया" का नारा दिया। उन्होंने सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं को उजागर किया, जिसमें घरेलू हिंसा, आर्थिक बोझ और स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयाँ शामिल हैं।
महिलाओं ने स्थानीय प्रशासन से दारू की बिक्री पर कड़ी रोकथाम और मौजूदा शराब की दुकानों को बंद करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि दारू के बिना समाज अधिक स्वस्थ और सुरक्षित रहेगा।
इस आंदोलन में कई महिलाएँ भागी और उन्होंने "दारू छोड़ो सैया" का नारा दिया। उन्होंने सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं को उजागर किया, जिसमें घरेलू हिंसा, आर्थिक बोझ और स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयाँ शामिल हैं।
महिलाओं ने स्थानीय प्रशासन से दारू की बिक्री पर कड़ी रोकथाम और मौजूदा शराब की दुकानों को बंद करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि दारू के बिना समाज अधिक स्वस्थ और सुरक्षित रहेगा।