📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TuckDB
धर्म
मद्रास HC ने एगमिक मंदिरों में धार्मिक प्रतीक वाले गैर‑हिंदुओं को प्रवेश पर रोक
✍️ Livemint
🗓 02 नव. 2026, 01:17 PM
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मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि धार्मिक प्रतीक धारण करने वाले गैर‑हिंदुओं को एगमिक मंदिरों में प्रवेश नहीं दिया जा सकता, क्योंकि इससे पवित्रता प्रभावित होगी।
मद्रास हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि धार्मिक प्रतीक धारण करने वाले गैर‑हिंदुओं को एगमिक मंदिरों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अदालत ने कहा कि ऐसे प्रतीकों की उपस्थिति इन मंदिरों की पवित्रता को प्रभावित कर सकती है, जो विशेष एगमिक परम्पराओं का पालन करते हैं।
यह निर्णय इस सिद्धांत पर आधारित है कि एगमिक मंदिर केवल हिंदुओं के लिए ही आरक्षित हैं, और बाहरी व्यक्तियों को स्पष्ट धार्मिक चिन्हों के साथ प्रवेश देना अनुष्ठानिक शुद्धता को कम कर सकता है। कोर्ट ने इस बात को समर्थन देने के लिए पूर्व न्यायिक उदाहरणों का हवाला दिया।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश तमिलनाडु के कई प्राचीन मंदिरों के प्रबंधन पर असर डाल सकता है, जिससे मंदिर प्रबंधकों को प्रवेश नियमों की पुनः समीक्षा करनी पड़ेगी। आदेश का कार्यान्वयन मंदिर ट्रस्टी और स्थानीय पुलिस के सहयोग से सुनिश्चित किया जाएगा।
यह निर्णय नागरिक अधिकार संगठनों में धार्मिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक स्थानों की पहुंच को लेकर बहस को जन्म दे रहा है, पर कोर्ट ने कहा कि यह कदम केवल पवित्रता की रक्षा के लिए है, किसी समुदाय के खिलाफ भेदभाव नहीं।
यह निर्णय इस सिद्धांत पर आधारित है कि एगमिक मंदिर केवल हिंदुओं के लिए ही आरक्षित हैं, और बाहरी व्यक्तियों को स्पष्ट धार्मिक चिन्हों के साथ प्रवेश देना अनुष्ठानिक शुद्धता को कम कर सकता है। कोर्ट ने इस बात को समर्थन देने के लिए पूर्व न्यायिक उदाहरणों का हवाला दिया।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश तमिलनाडु के कई प्राचीन मंदिरों के प्रबंधन पर असर डाल सकता है, जिससे मंदिर प्रबंधकों को प्रवेश नियमों की पुनः समीक्षा करनी पड़ेगी। आदेश का कार्यान्वयन मंदिर ट्रस्टी और स्थानीय पुलिस के सहयोग से सुनिश्चित किया जाएगा।
यह निर्णय नागरिक अधिकार संगठनों में धार्मिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक स्थानों की पहुंच को लेकर बहस को जन्म दे रहा है, पर कोर्ट ने कहा कि यह कदम केवल पवित्रता की रक्षा के लिए है, किसी समुदाय के खिलाफ भेदभाव नहीं।