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16 अक्टू. 2026•
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मध्यप्रदेश ने पेपर लीक‑नकल मामलों के लिए चार फास्ट‑ट्रैक कोर्ट स्थापित किए
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
शिक्षा

मध्यप्रदेश ने पेपर लीक‑नकल मामलों के लिए चार फास्ट‑ट्रैक कोर्ट स्थापित किए

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 16 अक्टू. 2026, 08:00 AM 👁 15
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राज्य ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में चार फास्ट‑ट्रैक कोर्ट स्थापित कर पेपर लीक‑नकल मामलों की त्वरित सुनवाई की, जिससे यह देश का पहला ऐसा कदम बन गया।

मध्यप्रदेश ने पेपर लीक, नकल और अन्य परीक्षा‑संबंधी अपराधों की त्वरित सुनवाई के लिए चार फास्ट‑ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये कोर्ट भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में स्थित होंगे और मामलों के निपटारे के समय को काफी घटाने की उम्मीद है।

यह कदम मध्यप्रदेश को भारत का पहला ऐसा राज्य बनाता है जिसने परीक्षा‑संबंधी अपराधों के लिए विशेष न्यायिक व्यवस्था लागू की है। विशेष बेंचों के माध्यम से इन मामलों को संकेंद्रित करके, सरकार सामान्य अदालतों में बैकलॉग कम करने और संभावित अपराधियों को सख्त चेतावनी देने का लक्ष्य रखती है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि तेज़ी से निर्णय मिलने से राज्य भर में आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पुनः स्थापित होगी। फास्ट‑ट्रैक कोर्ट मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत काम करेंगे, पर प्रक्रियाओं को सरल बनाकर शीघ्र न्याय सुनिश्चित करेंगे।

यह पहल कई प्रमुख पेपर‑लीक घटनाओं के बाद ली गई है, जिन्होंने छात्रों, अभिभावकों और शैक्षणिक संस्थानों में चिंता उत्पन्न की थी। अधिकारियों को उम्मीद है कि नए कोर्ट परीक्षा‑धोखाधड़ी को रोकने और राज्य की शिक्षा प्रणाली की प्रतिष्ठा बनाए रखने में मदद करेंगे।
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