📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Education
राजनीति
मध्य प्रदेश: मंगल भवन विवाद पर पसान नपा उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 12 अक्टू. 2026, 09:01 PM
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पसान नपा के उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए 16 पार्षदों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपा, अनूपपुर में मंगल भवन विवाद ने सियासत को गरमाया।
अनूपपुर, मध्य प्रदेश – पसान नपा के 16 पार्षदों ने गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय में एक औपचारिक आवेदन दायर किया, जिसमें परिषद के उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव माँगा गया। यह कदम तब आया है जब मंगल भवन परियोजना को लेकर विवाद ने स्थानीय नेताओं के बीच तीव्र मतभेद पैदा कर दिए हैं।
आवेदन में कहा गया है कि उपाध्यक्ष ने मंगल भवन विवाद को संभालने में परिषद की कार्यक्षमता को नुकसान पहुँचाया है और जनता का भरोसा घटा दिया है। पार्षदों का मानना है कि अविश्वास प्रस्ताव पार्षदियों को जवाबदेह ठहराने और विकास कार्य को पक्षपात से मुक्त करने के लिए आवश्यक है।
कलेक्टर कार्यालय ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि की है और प्रक्रिया के अनुसार इसकी जांच करेगा। अभी तक कोई निर्णय नहीं दिया गया है, और परिषद इस राजनीतिक बहस के चलते विभाजित बनी हुई है।
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना मध्य प्रदेश के नगरपालिका निकायों में व्यापक तनाव को दर्शाती है, जहाँ विकास परियोजनाएँ अक्सर दलों के भीतर प्रतिस्पर्धा का कारण बनती हैं। प्रस्ताव का परिणाम अन्य जिलों में समान विवादों के निपटारे के लिए मिसाल स्थापित कर सकता है।
मंगल भवन परियोजना, जो एक सामुदायिक सुविधा के रूप में प्रस्तावित थी, को प्रक्रिया संबंधी त्रुटियों और भूमि आवंटन के विवादों के कारण रोक दिया गया है। परिषद के अगले कदम कलेक्टर के निर्णय और पसान नपा परिषद के भीतर आगे की चर्चा पर निर्भर करेंगे।
आवेदन में कहा गया है कि उपाध्यक्ष ने मंगल भवन विवाद को संभालने में परिषद की कार्यक्षमता को नुकसान पहुँचाया है और जनता का भरोसा घटा दिया है। पार्षदों का मानना है कि अविश्वास प्रस्ताव पार्षदियों को जवाबदेह ठहराने और विकास कार्य को पक्षपात से मुक्त करने के लिए आवश्यक है।
कलेक्टर कार्यालय ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि की है और प्रक्रिया के अनुसार इसकी जांच करेगा। अभी तक कोई निर्णय नहीं दिया गया है, और परिषद इस राजनीतिक बहस के चलते विभाजित बनी हुई है।
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना मध्य प्रदेश के नगरपालिका निकायों में व्यापक तनाव को दर्शाती है, जहाँ विकास परियोजनाएँ अक्सर दलों के भीतर प्रतिस्पर्धा का कारण बनती हैं। प्रस्ताव का परिणाम अन्य जिलों में समान विवादों के निपटारे के लिए मिसाल स्थापित कर सकता है।
मंगल भवन परियोजना, जो एक सामुदायिक सुविधा के रूप में प्रस्तावित थी, को प्रक्रिया संबंधी त्रुटियों और भूमि आवंटन के विवादों के कारण रोक दिया गया है। परिषद के अगले कदम कलेक्टर के निर्णय और पसान नपा परिषद के भीतर आगे की चर्चा पर निर्भर करेंगे।