📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
धर्म
एमपी हाई कोर्ट ने 20‑साल के युवती के जैन साध्वी बनने के फैसले को मान्यता दी
✍️ India Today
🗓 11 सित. 2026, 01:32 AM
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 20‑साल की महिला को जैन साध्वी बनने की इच्छा को मान्यता दी, उसका व्यक्तिगत अधिकार सुनिश्चित किया।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 20‑साल की महिला के जैन साध्वी बनने के अधिकार को समर्थन देते हुए फैसला सुनाया। यह याचिका महिला और उसके परिवार द्वारा दायर की गई थी, जिसमें वह जैन संप्रदाय में साध्वी बनकर आध्यात्मिक जीवन जीना चाहती थी।
कोर्ट ने कहा कि संविधान धर्म की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वायत्तता की गारंटी देता है, और ये अधिकार साध्वी बनने के चयन तक भी विस्तृत होते हैं। इसलिए संबंधित धार्मिक प्राधिकरणों को उसके निर्णय का सम्मान करते हुए साध्वी दीक्षा प्रक्रिया को सुगम बनाना आवश्यक है।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह निर्णय महिलाओं के लिए पारंपरिक रूप से पुरुष‑प्रधान साधु संगठनों में व्यक्तिगत धार्मिक विकल्पों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करता है, और भविष्य में समान मामलों के लिए मिसाल बन सकता है।
युवती ने कोर्ट के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया, जबकि जैन समुदाय के नेताओं ने आदेश का पालन करने और आंतरिक प्रक्रियाओं की पुनः समीक्षा करने का इरादा बताया।
यह फैसला जालंधर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सुनाया गया, जो संविधानिक स्वतंत्रताओं के संरक्षण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कोर्ट ने कहा कि संविधान धर्म की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वायत्तता की गारंटी देता है, और ये अधिकार साध्वी बनने के चयन तक भी विस्तृत होते हैं। इसलिए संबंधित धार्मिक प्राधिकरणों को उसके निर्णय का सम्मान करते हुए साध्वी दीक्षा प्रक्रिया को सुगम बनाना आवश्यक है।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह निर्णय महिलाओं के लिए पारंपरिक रूप से पुरुष‑प्रधान साधु संगठनों में व्यक्तिगत धार्मिक विकल्पों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करता है, और भविष्य में समान मामलों के लिए मिसाल बन सकता है।
युवती ने कोर्ट के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया, जबकि जैन समुदाय के नेताओं ने आदेश का पालन करने और आंतरिक प्रक्रियाओं की पुनः समीक्षा करने का इरादा बताया।
यह फैसला जालंधर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सुनाया गया, जो संविधानिक स्वतंत्रताओं के संरक्षण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।