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13 अक्टू. 2026•
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अतिथि लेक्चररों की नियमितीकरण याचिका खारिज की
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
शिक्षा

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अतिथि लेक्चररों की नियमितीकरण याचिका खारिज की

✍️ Live Law 🗓 13 अक्टू. 2026, 03:32 PM 👁 14
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अनुबंधित अतिथि लेक्चररों की नियमितीकरण की याचिका खारिज कर दी, यह कहते हुए कि उन्हें स्थायी पदों के लिए आवेदन करने का अवसर मिला था।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अनुबंधित अतिथि लेक्चररों द्वारा नियमितीकरण की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि जब भी स्थायी पदों के लिए रिक्तियां निकाली गईं, तो इन लेक्चररों को उन पदों के लिए आवेदन करने का पर्याप्त अवसर दिया गया था, इसलिए याचिका को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अनुबंधित रूप से कार्यरत इन लेक्चररों ने यह तर्क दिया कि नियमितीकरण न मिलने से उन्हें भेदभाव और नौकरी की असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वे शिक्षण कार्य कर रहे हैं, फिर भी उन्हें नियमित भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।

न्यायालय ने यह रेखांकित किया कि राज्य ने समय‑समय पर नियमित फैकल्टी पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किए हैं और याचिकाकर्ताओं को उन चयन प्रक्रियाओं में भाग लेने का विकल्प था। चूंकि कोई प्रक्रिया संबंधी त्रुटि या मनमाना इनकार नहीं दिखा, कोर्ट ने नियमितीकरण के लिए कोई आधार नहीं पाया।

यह निर्णय दर्शाता है कि अनुबंधित शैक्षणिक कर्मचारियों को स्थायी पदों के लिए स्थापित भर्ती चैनलों का उपयोग करना आवश्यक है, और यह लेक्चररों को नियमित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पुनः आवेदन करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
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