📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
राजनीति
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने केंद्र की याचिका खारिज, आईपीएस कैडर पुनरीक्षण के 120‑दिन आदेश को बरकरार रखा
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 08 अक्टू. 2026, 03:15 PM
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मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने केंद्र की याचिका खारिज कर दी और आदेश दिया कि केंद्र और राज्य दोनों को आईपीएस कैडर पुनरीक्षण 120 दिनों में पूरा करना होगा।
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें आईपीएस कैडर पुनरीक्षण में देरी को लेकर कोर्ट‑आदेश से राहत मांगी गई थी। कोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (CAT) के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसके तहत अतिरिक्त कैडर पुनरीक्षण 120 दिनों में पूरा करना अनिवार्य है।
जजों ने कहा कि कई नोटिसों के बावजूद पुनरीक्षण प्रक्रिया में अब तक पर्याप्त प्रगति नहीं हुई, इसलिए निर्धारित समय सीमा लागू रहेगी। केंद्र और राज्य दोनों को इस समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के लिए तेज़ी से कदम उठाने का निर्देश दिया गया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला प्रशासनिक देरी पर न्यायिक निगरानी को सुदृढ़ करता है और संबंधित मंत्रालयों को आईपीएस पदों के पुनः आवंटन को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करेगा, ताकि आगे कोई अवमानना प्रक्रिया न चलनी पड़े।
हाई कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन करने पर अवमानना के तहत सजा हो सकती है, जिससे इस आदेश की गंभीरता स्पष्ट होती है। केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार ने अभी तक इस फैसले पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
जजों ने कहा कि कई नोटिसों के बावजूद पुनरीक्षण प्रक्रिया में अब तक पर्याप्त प्रगति नहीं हुई, इसलिए निर्धारित समय सीमा लागू रहेगी। केंद्र और राज्य दोनों को इस समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के लिए तेज़ी से कदम उठाने का निर्देश दिया गया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला प्रशासनिक देरी पर न्यायिक निगरानी को सुदृढ़ करता है और संबंधित मंत्रालयों को आईपीएस पदों के पुनः आवंटन को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करेगा, ताकि आगे कोई अवमानना प्रक्रिया न चलनी पड़े।
हाई कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन करने पर अवमानना के तहत सजा हो सकती है, जिससे इस आदेश की गंभीरता स्पष्ट होती है। केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार ने अभी तक इस फैसले पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।