📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
धर्म
एमपी हाई कोर्ट ने प्राचीन मंदिर के अतिक्रमण के लिए 3 महीने में निष्कासन प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया
✍️ Live Law
🗓 31 अक्टू. 2026, 09:31 PM
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य को प्राचीन मंदिर में अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही तीन महीने में पूरी करने का निर्देश दिया।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हालिया सुनवाई में राज्य सरकार को प्राचीन मंदिर में अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही तीन महीने के भीतर पूरी करने का आदेश दिया। यह आदेश मंदिर की सांस्कृतिक और वास्तुशिल्प विरासत के संरक्षण की चिंता को दर्शाता है।
धार्मिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय भक्तों द्वारा दायर याचिकाओं में बताया गया कि अनधिकृत इमारतें और व्यावसायिक गतिविधियाँ धीरे‑धीरे मंदिर परिसर में फैली हैं, जिससे पूजा में बाधा और स्थल की संरचना को खतरा उत्पन्न हुआ है। कोर्ट ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के पिछले प्रयास ठहर गए थे, इसलिए स्पष्ट समयसीमा आवश्यक थी।
राज्य प्रशासन ने बताया कि वह एक विशेष कार्यदल बनाकर आदेश का पालन करेगा और अतिक्रमण को सुरक्षित तरीके से हटाएगा, जिससे मंदिर की संरचनात्मक स्थिरता और धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला देश भर में समान सांस्कृतिक संरक्षण मामलों में तेज़ कार्रवाई के लिए मिसाल स्थापित कर सकता है, जिससे पवित्र स्थलों पर अवैध कब्जे को रोकने में न्यायपालिका की भूमिका मजबूत होगी।
धार्मिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय भक्तों द्वारा दायर याचिकाओं में बताया गया कि अनधिकृत इमारतें और व्यावसायिक गतिविधियाँ धीरे‑धीरे मंदिर परिसर में फैली हैं, जिससे पूजा में बाधा और स्थल की संरचना को खतरा उत्पन्न हुआ है। कोर्ट ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के पिछले प्रयास ठहर गए थे, इसलिए स्पष्ट समयसीमा आवश्यक थी।
राज्य प्रशासन ने बताया कि वह एक विशेष कार्यदल बनाकर आदेश का पालन करेगा और अतिक्रमण को सुरक्षित तरीके से हटाएगा, जिससे मंदिर की संरचनात्मक स्थिरता और धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला देश भर में समान सांस्कृतिक संरक्षण मामलों में तेज़ कार्रवाई के लिए मिसाल स्थापित कर सकता है, जिससे पवित्र स्थलों पर अवैध कब्जे को रोकने में न्यायपालिका की भूमिका मजबूत होगी।