📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
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मध्य प्रदेश सरकार ने सितंबर में तीसरा ऋण लिया: 800 करोड़ रुपये 18 साल के लिए, 700 करोड़ रुपये 30 साल के लिए
✍️ Bhaskar English
🗓 29 सित. 2026, 03:17 PM
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मध्य प्रदेश सरकार ने सितंबर में तीसरा ऋण मंजूर किया, जिसमें 800 करोड़ रुपये 18 साल की अवधि के लिए और 700 करोड़ रुपये 30 साल की अवधि के लिए उधार लिए गए।
मध्य प्रदेश सरकार ने 1 सितंबर को बताया कि उसने इस वित्तीय वर्ष में तीसरा ऋण लिया है, जिससे यह वर्ष में अब तक का तीसरा उधारी चक्र बन गया। इस ऋण में दो हिस्से शामिल हैं: 800 करोड़ रुपये का 18‑वर्षीय अवधि वाला ट्रांच और 700 करोड़ रुपये का 30‑वर्षीय अवधि वाला ट्रांच।
राज्य के वित्त विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इन निधियों को बुनियादी ढाँचे के सुधार, सामाजिक कल्याण योजनाओं और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग किया जाएगा, जिससे आर्थिक विकास को स्थिर रखा जा सके।
यह उधारी पिछले साल में लिए गए दो ऋणों के बाद की है, जो राज्य की पूँजी खर्च की जरूरतों को पूरा करने और नकदी प्रवाह को संतुलित रखने की रणनीति को दर्शाती है। ब्याज दर या ऋणदाता के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
विश्लेषकों का मानना है कि 30‑वर्षीय ट्रांच का दीर्घकालिक स्वरूप लंबी अवधि वाले प्रोजेक्ट्स को लक्षित करता है, जबकि 18‑वर्षीय ट्रांच त्वरित वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करेगा।
यह घोषणा राज्य के वित्त विभाग की एक प्रेस ब्रीफ़िंग में की गई, जिसमें बताया गया कि यह उधारी राज्य की वित्तीय योजना के अनुरूप है और इससे राज्य की क्रेडिट रेटिंग पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
राज्य के वित्त विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इन निधियों को बुनियादी ढाँचे के सुधार, सामाजिक कल्याण योजनाओं और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग किया जाएगा, जिससे आर्थिक विकास को स्थिर रखा जा सके।
यह उधारी पिछले साल में लिए गए दो ऋणों के बाद की है, जो राज्य की पूँजी खर्च की जरूरतों को पूरा करने और नकदी प्रवाह को संतुलित रखने की रणनीति को दर्शाती है। ब्याज दर या ऋणदाता के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
विश्लेषकों का मानना है कि 30‑वर्षीय ट्रांच का दीर्घकालिक स्वरूप लंबी अवधि वाले प्रोजेक्ट्स को लक्षित करता है, जबकि 18‑वर्षीय ट्रांच त्वरित वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करेगा।
यह घोषणा राज्य के वित्त विभाग की एक प्रेस ब्रीफ़िंग में की गई, जिसमें बताया गया कि यह उधारी राज्य की वित्तीय योजना के अनुरूप है और इससे राज्य की क्रेडिट रेटिंग पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।