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12 अक्टू. 2026•
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मध्य प्रदेश की लोककला दीवारों से वस्त्रों तक पहुंची
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
जीवनशैली

मध्य प्रदेश की लोककला दीवारों से वस्त्रों तक पहुंची

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 12 अक्टू. 2026, 10:01 AM 👁 10
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परम्परागत लोक चित्र जो पहले दीवारों पर दिखते थे, अब वस्त्रों में बुनकर मध्य प्रदेश में सांस्कृतिक विरासत को नया रूप दे रहे हैं।

मध्य प्रदेश के गांवों और ऐतिहासिक स्थलों की दीवारों को सजाने वाली पारम्परिक दीवार कला अब साड़ी, स्कार्फ और घर के वस्त्रों में बुनाई के रूप में उभर रही है। कारीगर हाथ की बुनाई और ब्लॉक प्रिंटिंग तकनीकों का उपयोग कर प्राचीन डिज़ाइन को कपड़ों पर उतार रहे हैं।
राज्य‑समर्थित शिल्प क्लस्टर और सहकारी समितियों ने प्रशिक्षण और बाजार तक पहुँच प्रदान कर इस बदलाव को तेज किया है। स्थानीय बुनकरों ने शहरी खरीदारों और पर्यटकों की बढ़ती मांग का उल्लेख किया, जो प्रामाणिक, पहनने योग्य विरासत वस्तुएँ चाहते हैं।
मोटिफ़ को स्थिर दीवारों से पोर्टेबल वस्त्रों में स्थानांतरित करके शिल्प को नई वाणिज्यिक दिशा मिली है, साथ ही सांस्कृतिक कथा जीवित रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति ग्रामीण आय में वृद्धि और मध्य प्रदेश को जीवंत लोक परम्पराओं के केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।
सांस्कृतिक अधिकारी इस पहल को अमूर्त विरासत को दस्तावेज़ करने और बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों के साथ जोड़ते हैं, जिससे कला नई पीढ़ियों के लिए प्रासंगिक बनी रहे।
डिज़ाइनर भी पारम्परिक पैटर्न को आधुनिक रंग संयोजन के साथ मिलाकर प्रयोग कर रहे हैं, जिससे मध्य प्रदेश की लोककला का आकर्षण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित हो रहा है।
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