📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Alokprasad (talk)
बिज़नेस
एमपी एफ़डीए ने पतंजलि फूड्स के गाय के घी के बैच को रीकॉल करने का आदेश दिया
✍️ Telangana Today
🗓 25 अक्टू. 2026, 05:33 AM
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मध्य प्रदेश खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से पतंजलि फूड्स के एक विशेष गाय के घी के बैच को बाजार से हटाने का निर्देश दिया है।
मध्य प्रदेश खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एमपी एफ़डीए) ने पतंजलि फूड्स को एक विशेष गाय के घी के बैच को बाजार से वापस लेने का आधिकारिक आदेश जारी किया है। यह आदेश तब आया जब नियामक निकाय ने उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर संभावित समस्याओं की पहचान की। पतंजलि फूड्स को सभी बिक्री बिंदुओं से उत्पाद वापस करने और वितरकों को रीकॉल की सूचना देने का निर्देश दिया गया है।
एमपी एफ़डीए ने इस रीकॉल के कारणों का विस्तृत विवरण नहीं दिया, परंतु कंपनी को आगे की आपूर्ति रोकने और बैच से संबंधित उत्पादन व गुणवत्ता नियंत्रण रिकॉर्ड की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि यदि उन्होंने यह घी खरीदा है तो उसका उपयोग न करें और रिफंड या प्रतिस्थापन के लिए इसे विक्रेता को वापस करें। रीकॉल प्रक्रिया के दौरान एफ़डीए की निगरानी जारी रहेगी ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
घी के इस बैच के रीकॉल से पतंजलि फूड्स की मध्य प्रदेश में अल्पकालिक बिक्री पर असर पड़ सकता है, हालांकि कंपनी ने इस मुद्दे पर अभी तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
एमपी एफ़डीए आगे की जानकारी सार्वजनिक करेगा और यदि अतिरिक्त बैचों में भी समस्याएँ पाई जाती हैं तो रीकॉल का दायरा बढ़ा सकता है।
एमपी एफ़डीए ने इस रीकॉल के कारणों का विस्तृत विवरण नहीं दिया, परंतु कंपनी को आगे की आपूर्ति रोकने और बैच से संबंधित उत्पादन व गुणवत्ता नियंत्रण रिकॉर्ड की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि यदि उन्होंने यह घी खरीदा है तो उसका उपयोग न करें और रिफंड या प्रतिस्थापन के लिए इसे विक्रेता को वापस करें। रीकॉल प्रक्रिया के दौरान एफ़डीए की निगरानी जारी रहेगी ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
घी के इस बैच के रीकॉल से पतंजलि फूड्स की मध्य प्रदेश में अल्पकालिक बिक्री पर असर पड़ सकता है, हालांकि कंपनी ने इस मुद्दे पर अभी तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
एमपी एफ़डीए आगे की जानकारी सार्वजनिक करेगा और यदि अतिरिक्त बैचों में भी समस्याएँ पाई जाती हैं तो रीकॉल का दायरा बढ़ा सकता है।