📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
अपराध
मध्य प्रदेश ईओडब्ल्यू ने 3,900 लंबित मामलों के निपटारे का लक्ष्य, हर अधिकारी दो केस/माह
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 11 अक्टू. 2026, 07:31 AM
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मध्य प्रदेश ईओडब्ल्यू ने 3,900 लंबित मामलों को सुलझाने के लिए समयबद्ध योजना बनायी, जिसमें हर जांच अधिकारी को हर महीने दो केस निपटाने होंगे; डीजी उपेंद्र जैन साप्ताहिक समीक्षा करेंगे।
मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध विंग ने लगभग 3,900 लंबित मामलों को सुलझाने के लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना घोषित की है। इस योजना के तहत प्रत्येक जांच अधिकारी को हर महीने कम से कम दो मामलों का निपटारा करना अनिवार्य किया गया है।
यह कदम धोखाधड़ी, मनी‑लॉन्डरिंग आदि आर्थिक अपराधों की तेज़ समाधान प्रक्रिया को सुनिश्चित करेगा और राज्य की जांच प्रणाली में जनता का भरोसा बढ़ाएगा। प्रगति की निगरानी डीजी उपेंद्र जैन द्वारा साप्ताहिक समीक्षाओं के माध्यम से की जाएगी।
विभाग ने बताया कि मौजूदा स्टाफिंग के मद्देनज़र यह लक्ष्य व्यावहारिक है और मासिक कोटा को एक आंतरिक डैशबोर्ड से ट्रैक किया जाएगा। साथ ही, अधिकारियों को नवीनतम जांच तकनीकों से लैस करने हेतु समय‑समय पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
यदि योजना सफल रहती है तो दो वर्षों के भीतर सभी लंबित मामलों का निपटारा संभव हो सकता है, जिससे अन्य राज्यों के लिए भी एक मानक स्थापित होगा।
यह कदम धोखाधड़ी, मनी‑लॉन्डरिंग आदि आर्थिक अपराधों की तेज़ समाधान प्रक्रिया को सुनिश्चित करेगा और राज्य की जांच प्रणाली में जनता का भरोसा बढ़ाएगा। प्रगति की निगरानी डीजी उपेंद्र जैन द्वारा साप्ताहिक समीक्षाओं के माध्यम से की जाएगी।
विभाग ने बताया कि मौजूदा स्टाफिंग के मद्देनज़र यह लक्ष्य व्यावहारिक है और मासिक कोटा को एक आंतरिक डैशबोर्ड से ट्रैक किया जाएगा। साथ ही, अधिकारियों को नवीनतम जांच तकनीकों से लैस करने हेतु समय‑समय पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
यदि योजना सफल रहती है तो दो वर्षों के भीतर सभी लंबित मामलों का निपटारा संभव हो सकता है, जिससे अन्य राज्यों के लिए भी एक मानक स्थापित होगा।