📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
कृषि
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने बलराम जयंती पर किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली की गारंटी दी
✍️ Amar Ujala · Gwalior
🗓 02 सित. 2026, 11:36 PM
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बलराम जयंती पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने की योजना की घोषणा की, जिससे 2026 को किसान कल्याण वर्ष की शुरुआत हुई।
ग्वालियर, २ सितम्बर (एएनआई) – बलराम जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के लिए नई योजना का अनावरण किया। राज्य सरकार ने घोषणा की कि कृषि उपभोक्ताओं को प्रतिदिन दस घंटे की निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे सिंचाई और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।
यह कदम २०२६ को "बलराम वर्ष" के रूप में घोषित करने के साथ आया है। इस वर्ष के तहत कृषि विभाग और वैज्ञानिकों की टीम राज्य भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी, जिनमें मिट्टी स्वास्थ्य कार्यशालाएँ, आधुनिक सिंचाई तकनीक के प्रदर्शन आदि शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बिजली आपूर्ति योजना को क्षेत्रीय विद्युत बोर्डों के साथ समन्वयित किया जाएगा, ताकि खेती वाले क्षेत्रों को पीक के समय प्राथमिकता मिल सके और सामान्य बिजली आपूर्ति में न्यूनतम व्यवधान हो। यह पहल छोटे और सीमांत किसानों के डीजल पंपों पर निर्भरता को कम कर, उत्पादन लागत घटाने की उम्मीद रखती है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया और कार्यान्वयन की निकट निगरानी का आश्वासन दिया।
यदि सफल रही तो यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए ऊर्जा सुरक्षा और कृषि विकास को जोड़ने की दिशा में प्रेरणा बन सकता है।
यह कदम २०२६ को "बलराम वर्ष" के रूप में घोषित करने के साथ आया है। इस वर्ष के तहत कृषि विभाग और वैज्ञानिकों की टीम राज्य भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी, जिनमें मिट्टी स्वास्थ्य कार्यशालाएँ, आधुनिक सिंचाई तकनीक के प्रदर्शन आदि शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बिजली आपूर्ति योजना को क्षेत्रीय विद्युत बोर्डों के साथ समन्वयित किया जाएगा, ताकि खेती वाले क्षेत्रों को पीक के समय प्राथमिकता मिल सके और सामान्य बिजली आपूर्ति में न्यूनतम व्यवधान हो। यह पहल छोटे और सीमांत किसानों के डीजल पंपों पर निर्भरता को कम कर, उत्पादन लागत घटाने की उम्मीद रखती है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया और कार्यान्वयन की निकट निगरानी का आश्वासन दिया।
यदि सफल रही तो यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए ऊर्जा सुरक्षा और कृषि विकास को जोड़ने की दिशा में प्रेरणा बन सकता है।