📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
शिक्षा
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने 1.22 लाख छात्रों को लैपटॉप के लिए ₹25,000 अनुदान की घोषणा की
✍️ India Today
🗓 01 सित. 2026, 02:36 AM
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मुख्य मंत्री मोहन यादव ने बताया कि राज्य 1.22 लाख पात्र छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए प्रत्येक को ₹25,000 ट्रांसफर करेगा, यह नई शैक्षणिक पहल का हिस्सा है।
मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री मोहन यादव ने एक नई योजना की घोषणा की, जिसके तहत राज्य के 1.22 लाख छात्रों को प्रत्येक को ₹25,000 सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। यह एक‑बार का भुगतान छात्रों को लैपटॉप खरीदने में मदद करने के लिए है, जिसे सरकार आधुनिक शिक्षा का आवश्यक उपकरण मानती है।
यह योजना उच्च माध्यमिक और स्नातक स्तर के छात्रों को लक्षित करती है, जो आय और शैक्षणिक मानदंडों को पूरा करते हैं। भुगतान सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, और पात्रता की पुष्टि स्कूल‑कॉलेज के मौजूदा रिकॉर्ड से की जाएगी।
मध्य प्रदेश ने हाल के वर्षों में कई राज्यों के साथ मिलकर लैपटॉप सब्सिडी योजनाओं को अपनाया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण‑शहरी डिजिटल अंतर को कम करना है। अधिकारी उम्मीद करते हैं कि यह पहल डिजिटल साक्षरता बढ़ाएगी और ऑनलाइन शिक्षा के विस्तार के साथ शैक्षणिक परिणामों में सुधार करेगी।
वित्तीय वर्ष के अंत में अंतिम पात्रता सूची तैयार होने के बाद, निकट भविष्य में निधि जारी की जाएगी, हालांकि सटीक समयसारिणी अभी घोषित नहीं की गई है।
शिक्षक संघों और अभिभावक समूहों ने इस कदम का स्वागत किया है, यह मानते हुए कि किफायती तकनीकी पहुंच से शिक्षण‑शिक्षण दोनों में सुधार होगा।
यह योजना उच्च माध्यमिक और स्नातक स्तर के छात्रों को लक्षित करती है, जो आय और शैक्षणिक मानदंडों को पूरा करते हैं। भुगतान सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, और पात्रता की पुष्टि स्कूल‑कॉलेज के मौजूदा रिकॉर्ड से की जाएगी।
मध्य प्रदेश ने हाल के वर्षों में कई राज्यों के साथ मिलकर लैपटॉप सब्सिडी योजनाओं को अपनाया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण‑शहरी डिजिटल अंतर को कम करना है। अधिकारी उम्मीद करते हैं कि यह पहल डिजिटल साक्षरता बढ़ाएगी और ऑनलाइन शिक्षा के विस्तार के साथ शैक्षणिक परिणामों में सुधार करेगी।
वित्तीय वर्ष के अंत में अंतिम पात्रता सूची तैयार होने के बाद, निकट भविष्य में निधि जारी की जाएगी, हालांकि सटीक समयसारिणी अभी घोषित नहीं की गई है।
शिक्षक संघों और अभिभावक समूहों ने इस कदम का स्वागत किया है, यह मानते हुए कि किफायती तकनीकी पहुंच से शिक्षण‑शिक्षण दोनों में सुधार होगा।