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राजनीति
मध्य प्रदेश मुख्य सचिव ने सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई का आदेश
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 02 अक्टू. 2026, 05:36 PM
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मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने सभी जिला कलेक्टरों को लंबित जमीन कब्जे की शिकायतों को शीघ्र निपटाने और शिकायतकर्ताओं से संपर्क बढ़ाने का निर्देश दिया।
मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने सरकारी जमीन पर अनधिकृत कब्जे की शिकायतों को लेकर कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया। यह निर्देश नागरिकों द्वारा दर्ज कराई गई कई शिकायतों के बाद जारी किया गया, जिनमें कहा गया कि सार्वजनिक भूखंड बिना अनुमति के ले लिये गये हैं।
बर्णवाल ने सभी जिला कलेक्टरों को कहा कि 100 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों को शीघ्रता से निपटाया जाए। उन्होंने प्रत्येक प्रकरण को निर्धारित समय सीमा के भीतर समाप्त करने और शिकायतकर्ताओं को प्रगति की जानकारी देने हेतु नियमित संवाद स्थापित करने पर बल दिया।
मुख्य सचिव ने रेवेन्यू और पुलिस विभागों के साथ समन्वय करके जमीन के स्वामित्व की जाँच करने और उल्लंघन सिद्ध होने पर सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश भी दिया। यह कदम राज्य की भूमि‑उपयोग नियमों को कड़ाई से लागू करने और प्रशासनिक जवाबदेही को सुदृढ़ करने की दिशा में है।
अधिकारी इस प्रक्रिया की स्थिति पर समय‑समय पर रिपोर्ट देंगे, और निर्देशों का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह घोषणा स्थानीय मीडिया में प्रकाशित हुई, और सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी अवैध कब्जे की सूचना आधिकारिक चैनलों के माध्यम से देते रहें।
बर्णवाल ने सभी जिला कलेक्टरों को कहा कि 100 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों को शीघ्रता से निपटाया जाए। उन्होंने प्रत्येक प्रकरण को निर्धारित समय सीमा के भीतर समाप्त करने और शिकायतकर्ताओं को प्रगति की जानकारी देने हेतु नियमित संवाद स्थापित करने पर बल दिया।
मुख्य सचिव ने रेवेन्यू और पुलिस विभागों के साथ समन्वय करके जमीन के स्वामित्व की जाँच करने और उल्लंघन सिद्ध होने पर सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश भी दिया। यह कदम राज्य की भूमि‑उपयोग नियमों को कड़ाई से लागू करने और प्रशासनिक जवाबदेही को सुदृढ़ करने की दिशा में है।
अधिकारी इस प्रक्रिया की स्थिति पर समय‑समय पर रिपोर्ट देंगे, और निर्देशों का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह घोषणा स्थानीय मीडिया में प्रकाशित हुई, और सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी अवैध कब्जे की सूचना आधिकारिक चैनलों के माध्यम से देते रहें।