📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / bhagat singh
राजनीति
मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद भाजपा प्रमुख ने कांग्रेस को कानूनी चूक का आरोप
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 09 अक्टू. 2026, 10:01 PM
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के ओबीसी आरक्षण के फैसले के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस पर कानूनी चूक का आरोप लगाते हुए 27% आरक्षण के संकल्प को दोहराया।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार के ओबीसी आरक्षण निर्णय को बरकरार रखा, जिससे 2019 में लागू 27% कोटा जारी रहेगा। यह आदेश उन याचिकाओं के बाद आया था, जिनमें आरक्षण की वैधता को चुनौती दी गई थी।
इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस पर "कानूनी चूक" का आरोप लगाया। उन्होंने एक पार्टी सभा में कहा कि 2019 में आरक्षण बढ़ाने के फैसले में विपक्ष की प्रक्रियात्मक त्रुटियों ने मामला अदालत तक पहुंचा दिया और 27% आरक्षण के संकल्प को दोहराया।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान मध्यप्रदेश में दो प्रमुख पार्टियों के बीच आरक्षण मुद्दे को राजनीतिक टकराव के रूप में पेश करने की भाजपा की रणनीति को दर्शाता है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब यह देखना होगा कि कांग्रेस कैसे प्रतिक्रिया देती है और क्या आरक्षण नीति को आगे कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस पर "कानूनी चूक" का आरोप लगाया। उन्होंने एक पार्टी सभा में कहा कि 2019 में आरक्षण बढ़ाने के फैसले में विपक्ष की प्रक्रियात्मक त्रुटियों ने मामला अदालत तक पहुंचा दिया और 27% आरक्षण के संकल्प को दोहराया।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान मध्यप्रदेश में दो प्रमुख पार्टियों के बीच आरक्षण मुद्दे को राजनीतिक टकराव के रूप में पेश करने की भाजपा की रणनीति को दर्शाता है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब यह देखना होगा कि कांग्रेस कैसे प्रतिक्रिया देती है और क्या आरक्षण नीति को आगे कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।