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में 96 गांवों की खरीफ गिरदावरी अटकी, पटवारियों के बाद कृषि विस्तार अधिकारियों ने भी जताया विरोध

✍️ रिपोर्टर: Pankaj sahu 🗓 30 सित. 2026, 10:54 PM 👁 8
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कोरबा जिले में खरीफ फसल की गिरदावरी को लेकर प्रशासनिक चुनौती बढ़ गई है। जिले के 96 गांवों में फसल सत्यापन का काम लंबित बताया गया है। पटवारियों के बाद अब ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने भी पीवी एप के माध्यम से गिरदावरी करने से इनकार करते हुए अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त करने की मांग की है।

Korba, Chhattisgarh | Need24 News
कोरबा जिले में खरीफ फसल की गिरदावरी को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। जिले के 96 गांवों में खरीफ फसल का भौतिक सत्यापन अभी लंबित है। पटवारियों द्वारा गिरदावरी कार्य से दूरी बनाए जाने के बाद अब ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने भी अतिरिक्त जिम्मेदारी का विरोध किया है।
जानकारी के अनुसार, खेतों में बोई गई फसल का भौतिक सत्यापन कर खसरा-वार जानकारी दर्ज की जाती है। इसी प्रक्रिया के माध्यम से संबंधित खेत में कौन-सी फसल बोई गई है, इसका रिकॉर्ड तैयार किया जाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 18 सितंबर को पीवी एप के माध्यम से गिरदावरी करने के निर्देश जारी किए गए थे। पटवारियों की ओर से तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों का हवाला दिए जाने के बाद लंबित गांवों में यह जिम्मेदारी कृषि विभाग के मैदानी अमले को देने की तैयारी की गई।

हालांकि, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने इस अतिरिक्त कार्य को लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों के पास पहले से ही फसल निरीक्षण, किसानों को तकनीकी सलाह, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, फसल सुरक्षा और विभिन्न सर्वेक्षण जैसे कई कार्य हैं। ऐसे में गिरदावरी की अतिरिक्त जिम्मेदारी से नियमित विभागीय कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

इसी मुद्दे को लेकर कृषि विस्तार अधिकारियों ने उपसंचालक कृषि कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर अतिरिक्त गिरदावरी कार्य से मुक्त करने की मांग की है। रिपोर्ट के अनुसार, मांग पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में अधिकारियों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

कोरबा जिले में कुल 712 गांव बताए गए हैं, जिनमें से 96 गांवों में खरीफ गिरदावरी लंबित है। ऐसे में पटवारियों के बाद कृषि विभाग के मैदानी अमले के विरोध में आने से प्रशासन के सामने लंबित फसल सत्यापन को समय पर पूरा कराने की चुनौती बढ़ गई है।

समय पर गिरदावरी पूरी नहीं होने पर संबंधित खेतों में बोई गई फसल की खसरा-वार जानकारी दर्ज करने और फसल संबंधी अभिलेखों को अपडेट करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस स्थिति का समाधान किस तरह करता है।
Reported by:
Citizen Reporter | Need24 News
Chhattisgarh
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