📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
शिक्षा
लुधियाना की लोक अदालत ने हरसिमरत कौर को स्कूल में पुनः प्रवेश दिलवाया
✍️ Amar Ujala · Ludhiana
🗓 09 सित. 2026, 09:40 AM
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लुधियाना की लोक अदालत ने 10वीं की छात्रा हरसिमरत कौर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए जालंधर बाइपास के निजी स्कूल को पुनः प्रवेश और मुआवजा देने का आदेश दिया।
लुधियाना की लोक अदालत ने गुरुवार को जालंधर बाइपास पर स्थित एक निजी स्कूल के खिलाफ 10वीं की छात्रा हरसिमरत कौर के पक्ष में फैसला सुनाया। स्कूल ने पहले उसे कक्षा से बाहर कर दिया था और उसकी शैक्षणिक रेकॉर्ड रोक दी थी, जिससे उसके पिता ने कानूनी कार्रवाई की।
अदालत ने कहा कि स्कूल की कार्रवाई छात्र के शिक्षा अधिकार का उल्लंघन है और उसे तुरंत 10वीं में पुनः प्रवेश देने का आदेश दिया। साथ ही, स्कूल को बेदखली के कारण हुए नुकसान और पढ़ाई में रुकावट के लिए मुआवजा भी भुगतान करना होगा।
यह फैसला निजी संस्थानों में छात्रों के अधिकारों की रक्षा के प्रति न्यायपालिका की दृढ़ता को दर्शाता है। स्कूल को निर्धारित समय सीमा के भीतर आदेश का पालन करना होगा, अन्यथा अतिरिक्त दंड का सामना करना पड़ेगा।
हरसिमरत के पिता, जिन्होंने इस लड़ाई का नेतृत्व किया, ने राहत व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय उन माता‑पिता के संघर्ष को मान्यता देता है जो अपने बच्चों की शिक्षा के लिए संघर्ष करते हैं।
यह मामला पंजाब के अन्य अभिभावकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जो निजी स्कूलों में मनमानी बेदखली की घटनाओं को लेकर चिंतित हैं।
अदालत ने कहा कि स्कूल की कार्रवाई छात्र के शिक्षा अधिकार का उल्लंघन है और उसे तुरंत 10वीं में पुनः प्रवेश देने का आदेश दिया। साथ ही, स्कूल को बेदखली के कारण हुए नुकसान और पढ़ाई में रुकावट के लिए मुआवजा भी भुगतान करना होगा।
यह फैसला निजी संस्थानों में छात्रों के अधिकारों की रक्षा के प्रति न्यायपालिका की दृढ़ता को दर्शाता है। स्कूल को निर्धारित समय सीमा के भीतर आदेश का पालन करना होगा, अन्यथा अतिरिक्त दंड का सामना करना पड़ेगा।
हरसिमरत के पिता, जिन्होंने इस लड़ाई का नेतृत्व किया, ने राहत व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय उन माता‑पिता के संघर्ष को मान्यता देता है जो अपने बच्चों की शिक्षा के लिए संघर्ष करते हैं।
यह मामला पंजाब के अन्य अभिभावकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जो निजी स्कूलों में मनमानी बेदखली की घटनाओं को लेकर चिंतित हैं।