📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
अपराध
लुधियाना अदालत ने 13 साल की दुष्कर्म पीड़िता को सुरक्षित गर्भपात की मंजूरी दी
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 19 अग. 2026, 11:32 AM
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पंजाब की अदालत ने 13 साल की दुष्कर्म पीड़िता के स्वास्थ्य जोखिम को देखते हुए सुरक्षित गर्भपात की अनुमति दी।
लुधियाना जिला अदालत ने 13 साल की लड़की के लिए सुरक्षित गर्भपात की अनुमति देने का आदेश जारी किया, जो दुष्कर्म के बाद गर्भवती हुई थी। अदालत ने कहा कि इस उम्र में गर्भधारण जारी रखने से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
पीड़िता के कानूनी प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि गर्भावस्था जारी रखने से शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बच्चे को नुकसान पहुँच सकता है, और न्यायाधीश ने इस बात से सहमति जताई, साथ ही चिकित्सा दिशानिर्देशों का हवाला दिया जो बड़े किशोरों के लिए सुरक्षित प्रसव की अनुमति देते हैं।
यह फैसला यौन हिंसा के मामलों में नाबालिगों के अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है, और मौजूदा स्वास्थ्य नियमों के अनुरूप है जो ऐसी परिस्थितियों में गर्भपात की अनुमति देते हैं।
प्राधिकरणों को निर्देश दिया गया है कि प्रक्रिया को मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य सुविधा में उचित देखभाल के साथ करवाया जाए, और आगे के किसी भी आघात को रोकने के लिए मामले की कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
पीड़िता के कानूनी प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि गर्भावस्था जारी रखने से शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बच्चे को नुकसान पहुँच सकता है, और न्यायाधीश ने इस बात से सहमति जताई, साथ ही चिकित्सा दिशानिर्देशों का हवाला दिया जो बड़े किशोरों के लिए सुरक्षित प्रसव की अनुमति देते हैं।
यह फैसला यौन हिंसा के मामलों में नाबालिगों के अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है, और मौजूदा स्वास्थ्य नियमों के अनुरूप है जो ऐसी परिस्थितियों में गर्भपात की अनुमति देते हैं।
प्राधिकरणों को निर्देश दिया गया है कि प्रक्रिया को मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य सुविधा में उचित देखभाल के साथ करवाया जाए, और आगे के किसी भी आघात को रोकने के लिए मामले की कड़ी निगरानी रखी जाएगी।