📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / sirf.mein
अपराध
लुधियाना सिविल अस्पताल पर मरीजों से पैसे ऐंठने का आरोप
✍️ Amar Ujala · Ludhiana
🗓 09 सित. 2026, 06:04 PM
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पुलिस को लुधियाना सिविल अस्पताल में कर्मचारियों द्वारा मरीजों से पैसे ऐंठने की शिकायतें मिलीं, जांच शुरू हुई।
लुधियाना सिविल अस्पताल पर कई मरीजों ने अतिरिक्त नकद भुगतान की मांग करने की शिकायतें दर्ज करवाई हैं। अमर उजाला द्वारा पहली बार उजागर किए गए इन आरोपों में कहा गया है कि कुछ कर्मचारियों ने सरकारी योजनाओं के तहत निःशुल्क या कम शुल्क वाले उपचार के बदले अतिरिक्त पैसे ले लिये।
शिकायतों के अनुसार, ये मांगें आउट‑पेशेंट काउंटर से लेकर इन‑पेशेंट वार्ड तक विभिन्न चरणों में की जाती हैं, और भुगतान न करने पर इलाज में देरी का डर दिया जाता है। कई प्रभावित परिवारों ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें जबरन वसूली और अधिकार का दुरुपयोग का आरोप है।
पुलिस ने पुष्टि की है कि मामला दर्ज हो चुका है और जांच टीम ने इन आरोपों की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी को अवैध भुगतान की मांग करते पाया गया तो भारतीय दंड संहिता के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल प्रशासन ने टिप्पणी के लिए कहा तो बताया कि वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है और एक आंतरिक जांच भी करेगा। उन्होंने कहा कि संस्थान पंजाब स्वास्थ्य विभाग के दिशा‑निर्देशों का पालन करता है और किसी भी प्रकार की दुराचार को तुरंत सजा दी जाएगी।
यह घटना पंजाब के सार्वजनिक अस्पतालों में अनैतिक शुल्क वसूली की व्यापक समस्या को फिर से उजागर करती है, जिससे पारदर्शी बिलिंग और कड़ी निगरानी की मांग बढ़ रही है।
शिकायतों के अनुसार, ये मांगें आउट‑पेशेंट काउंटर से लेकर इन‑पेशेंट वार्ड तक विभिन्न चरणों में की जाती हैं, और भुगतान न करने पर इलाज में देरी का डर दिया जाता है। कई प्रभावित परिवारों ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें जबरन वसूली और अधिकार का दुरुपयोग का आरोप है।
पुलिस ने पुष्टि की है कि मामला दर्ज हो चुका है और जांच टीम ने इन आरोपों की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी को अवैध भुगतान की मांग करते पाया गया तो भारतीय दंड संहिता के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल प्रशासन ने टिप्पणी के लिए कहा तो बताया कि वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है और एक आंतरिक जांच भी करेगा। उन्होंने कहा कि संस्थान पंजाब स्वास्थ्य विभाग के दिशा‑निर्देशों का पालन करता है और किसी भी प्रकार की दुराचार को तुरंत सजा दी जाएगी।
यह घटना पंजाब के सार्वजनिक अस्पतालों में अनैतिक शुल्क वसूली की व्यापक समस्या को फिर से उजागर करती है, जिससे पारदर्शी बिलिंग और कड़ी निगरानी की मांग बढ़ रही है।