📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
अपराध
झाबुआ में लोकायुक्त की जाल कार्रवाई में विकासखंड शिक्षा अधिकारी पकड़े गए, 10,000 रुपये की रिश्वत
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 22 अक्टू. 2026, 11:31 PM
👁 16
झाबुआ में लोकायुक्त की जाल कार्रवाई में बालक छात्रावास सेमलिया बड़ी के अधीक्षक की शिकायत पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी से 10,000 रुपये की रिश्वत ली गई, पकड़ा गया।
इस हफ्ते के शुरुआती दिनों में मध्य प्रदेश के लोकायुक्त ने झाबुआ जिले में शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए एक गुप्त जाल कार्रवाई की। यह जाल कार्रवाई बालक छात्रावास सेमलिया बड़ी के अधीक्षक धूम सिंह सिंगाड़ की शिकायत पर शुरू हुई, जिसमें उन्होंने बताया कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी जयनारायण बैरागी अनधिकृत शुल्क ले रहा है।
जाल में, बैरागी को एक अंडरकवर्ड एजेंट से 10,000 रुपये नकद लेते हुए पकड़ा गया और तुरंत हिरासत में लिया गया। इस प्रकार की रिश्वत की पुष्टि हुई और नकद भी जब्त किया गया।
यह घटना राज्य की सार्वजनिक कार्यालयों में छोटे‑मोटे भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने की नई पहल को दर्शाती है, विशेषकर शिक्षा क्षेत्र में। लोकायुक्त ने कहा कि आगे की जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह मामला अकेला है या व्यापक पैटर्न का हिस्सा है, और संबंधित कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग को जांच में पूर्ण सहयोग करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आंतरिक नियंत्रणों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।
जाल में, बैरागी को एक अंडरकवर्ड एजेंट से 10,000 रुपये नकद लेते हुए पकड़ा गया और तुरंत हिरासत में लिया गया। इस प्रकार की रिश्वत की पुष्टि हुई और नकद भी जब्त किया गया।
यह घटना राज्य की सार्वजनिक कार्यालयों में छोटे‑मोटे भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने की नई पहल को दर्शाती है, विशेषकर शिक्षा क्षेत्र में। लोकायुक्त ने कहा कि आगे की जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह मामला अकेला है या व्यापक पैटर्न का हिस्सा है, और संबंधित कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग को जांच में पूर्ण सहयोग करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आंतरिक नियंत्रणों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।