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लखनऊ: चुनाव आयोग ने 'राम ने शर्मा को मारा' नाम पर AAP सांसद के सवाल का जवाब दिया
उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग ने MLC वोटर लिस्ट में 'राम ने शर्मा को मारा' नाम की गलती पर AAP सांसद संजय सिंह के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है।
लखनऊ – उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने आज X पर एक टिप्पणी पोस्ट करते हुए AAP सांसद संजय सिंह द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दिया।
संजय सिंह ने MLC वोटर लिस्ट में 'राम ने यादव को मारा – पिता मूर्ख चंद यादव' जैसी गड़बड़ी पर जातीय एंगल से सवाल उठाया था।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने लिखा: "हालिया विधान परिषद की वोटर लिस्ट में एक अजीबोगरीब नाम 'राम ने शर्मा को मारा' भी है। कंप्यूटर/सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है। हमारे द्वारा गलती किया जाना स्वीकार है लेकिन हमारे सौभाग्य से गलती होते वक्त भी जाति का भेदभाव नहीं हुआ है। भगवान का यह भी शुक्र है कि राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा है। नहीं तो जातिवादी होने के साथ-साथ सांप्रदायिक होने का इल्जाम भी लगता।"
इस तरह की कैजुअल, तंज वाली और धार्मिक टिप्पणी वाली भाषा में जवाब देने से चुनाव आयोग की संवैधानिक संस्था के रूप में उपयुक्तता पर सवाल उठे हैं।
वोटर लिस्ट में त्रुटियों को सुधारने और जातीय संवेदनशीलता बनाए रखने की आवश्यकता पर चर्चा जारी है।
संजय सिंह ने MLC वोटर लिस्ट में 'राम ने यादव को मारा – पिता मूर्ख चंद यादव' जैसी गड़बड़ी पर जातीय एंगल से सवाल उठाया था।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने लिखा: "हालिया विधान परिषद की वोटर लिस्ट में एक अजीबोगरीब नाम 'राम ने शर्मा को मारा' भी है। कंप्यूटर/सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है। हमारे द्वारा गलती किया जाना स्वीकार है लेकिन हमारे सौभाग्य से गलती होते वक्त भी जाति का भेदभाव नहीं हुआ है। भगवान का यह भी शुक्र है कि राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा है। नहीं तो जातिवादी होने के साथ-साथ सांप्रदायिक होने का इल्जाम भी लगता।"
इस तरह की कैजुअल, तंज वाली और धार्मिक टिप्पणी वाली भाषा में जवाब देने से चुनाव आयोग की संवैधानिक संस्था के रूप में उपयुक्तता पर सवाल उठे हैं।
वोटर लिस्ट में त्रुटियों को सुधारने और जातीय संवेदनशीलता बनाए रखने की आवश्यकता पर चर्चा जारी है।