🔥 ट्रेंडिंग હિંમતનગર: લગ્નના 4 મહિનામાં પત્નીના શં... सुप्रीम कोर्ट ने बिहार‑झारखंड के पात्र... झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य को मानवाधिका... झारखंड सरकार ने दुर्गा पूजा के लिए कड़... ਸਾਡੇ ਵਿਰਸੇ ਦੀ ਸਪਾਟੇ ਡੰਡ ਕੱਢਣ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰ... केरल छात्र की मुफ्त टिकट मांग पर लिंग...
29 सित. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
आंध्र प्रदेश में 34% बीसी कोटा बहाल करने पर कानूनी अड़चनें
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Saiphani02
राजनीति

आंध्र प्रदेश में 34% बीसी कोटा बहाल करने पर कानूनी अड़चनें

✍️ The Times of India 🗓 20 अग. 2026, 01:40 AM 👁 32
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा पंचायतों व नगरपालिकाओं में 34% बीसी कोटा बहाल करने के फैसले को हाई कोर्ट में दायर याचिकाओं ने कानूनी अड़चन में डाल दिया है।

आंध्र प्रदेश सरकार ने पंचायतों और नगरपालिकाओं में पिछड़े वर्गों (बीसी) के लिए 34% कोटा बहाल करने का फैसला किया है। यह कदम राज्य की आरक्षण नीति को उच्च न्यायालय के पूर्व आदेशों के अनुरूप लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

हालाँकि, इस निर्णय को चुनौती देते हुए कई याचिकाएँ आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में दायर की गई हैं। याचिकाकर्ता का तर्क है कि यह कोटा मौजूदा न्यायिक सीमाओं के विरुद्ध हो सकता है। अदालत ने सरकार को नोटिस जारी कर सुनवाई की तिथि निर्धारित करने का संकेत दिया है।

यदि न्यायालय इन याचिकाओं को मानता है, तो बीसी कोटा का कार्यान्वयन विलंबित हो सकता है, जिससे आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और आरक्षित सीटों के वितरण पर असर पड़ेगा। सरकार ने इस कोटा को सामाजिक समानता के लिए आवश्यक बताया है।

राजनीतिक दलों और समुदायिक समूहों सहित कई हितधारक इस मामले की प्रगति को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि इसका परिणाम राज्य की आरक्षण नीति और भारत में समानता के व्यापक विमर्श को प्रभावित करेगा।
📲Get App