📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Govt. of India
राजनीति
बाएँ समूहों ने हिरासत की निंदा की, दिल्ली पुलिस मुख्यालय में प्रदर्शन हुआ
✍️ India Today
🗓 18 अक्टू. 2026, 03:46 AM
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बाएँ समूहों ने हालिया हिरासत की निंदा करने के लिए दिल्ली पुलिस मुख्यालय में इकट्ठा हुए, जबकि बीएनएस 163 नामक आदेश को अनदेखा किया गया।
दिल्ली – बाएँ‑पक्षीय राजनीतिक संगठनों ने सोमवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में धरना दिया, जिसमें उन्होंने हाल ही में हुए कई हिरासतों को मनमाना बताकर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने पर्चे पकड़े और उन लोगों की रिहाई की मांग करते हुए नारे लगाए जो पुलिस कार्रवाई के तहत हिरासत में हैं।
प्रदर्शन करने वाले समूहों के बयान के अनुसार, इन हिरासतों को कानूनी आधार नहीं दिया गया और यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीएनएस 163 नामक एक पुलिस आदेश, जो कुछ प्रक्रियात्मक मामलों को नियंत्रित करता है, को वरिष्ठ अधिकारियों ने जानबूझकर अनदेखा किया।
पुलिस ने इस धरने की पुष्टि की, लेकिन कहा कि स्थिति शांत बनी रही और प्रदर्शन के दौरान कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। विभाग ने कहा कि वह बाएँ समूहों द्वारा उठाए गए मुद्दों की स्थापित प्रक्रियाओं के तहत समीक्षा करेगा।
यह घटना कानून प्रवर्तन एजेंसियों और उन राजनीतिक धड़ों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है जो दावा करते हैं कि राज्य असहमति को दबा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि सुरक्षा चिंताओं और नागरिक स्वतंत्रताओं के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसी टकरावें आगे भी जारी रह सकती हैं।
प्रदर्शन करने वाले समूहों के बयान के अनुसार, इन हिरासतों को कानूनी आधार नहीं दिया गया और यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीएनएस 163 नामक एक पुलिस आदेश, जो कुछ प्रक्रियात्मक मामलों को नियंत्रित करता है, को वरिष्ठ अधिकारियों ने जानबूझकर अनदेखा किया।
पुलिस ने इस धरने की पुष्टि की, लेकिन कहा कि स्थिति शांत बनी रही और प्रदर्शन के दौरान कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। विभाग ने कहा कि वह बाएँ समूहों द्वारा उठाए गए मुद्दों की स्थापित प्रक्रियाओं के तहत समीक्षा करेगा।
यह घटना कानून प्रवर्तन एजेंसियों और उन राजनीतिक धड़ों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है जो दावा करते हैं कि राज्य असहमति को दबा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि सुरक्षा चिंताओं और नागरिक स्वतंत्रताओं के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसी टकरावें आगे भी जारी रह सकती हैं।