📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wikimedia Commons
अपराध
लीक्ड ऑडियो से उजागर असम के मीडिया मालिक पर ब्लैकमेल का आरोप
✍️ India Today NE
🗓 15 अक्टू. 2026, 04:45 AM
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एक लीक हुई ऑडियो क्लिप ने असम के मीडिया मालिक द्वारा ब्लैकमेल योजना पर चर्चा करने का आरोप लगाते हुए विवाद को भड़काया है।
एक रिकॉर्डिंग जो इस हफ्ते ऑनलाइन सामने आई, असम में बढ़ते विवाद का केंद्र बन गई है। इंडिया टुडे नॉर्थईस्ट द्वारा प्राप्त इस ऑडियो में एक प्रमुख मीडिया मालिक को संवेदनशील जानकारी उजागर करने की धमकी देकर पैसे निकालने की योजना बनाते हुए सुना गया है।
इस क्लिप ने तुरंत पुलिस जांच की मांग को जन्म दिया, और असम पुलिस ने बताया कि वे इस सामग्री की समीक्षा कर रहे हैं ताकि भारतीय दंड संहिता के धारा 384 (बलात्कार) जैसे अपराधों की संभावनाओं का पता लगाया जा सके। जांच के दौरान व्यक्ति की पहचान को गोपनीय रखा गया है।
वह मीडिया मालिक अभी तक इस आरोप पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दे पाया है, और उनके प्रतिनिधियों ने इस ऑडियो को "जाली" और "राजनीतिक रूप से प्रेरित" बताया है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि रिकॉर्डिंग प्रामाणिक सिद्ध होती है तो गंभीर आरोप लग सकते हैं, परन्तु औपचारिक मामला दर्ज करने से पहले फॉरेन्सिक जांच अनिवार्य होगी।
यह घटना क्षेत्रीय समाचार बाजार में मीडिया मालिकों के प्रभाव और नैतिकता पर व्यापक चर्चा को भी उजागर करती है। राज्य के विभिन्न हितधारक इस जांच को बारीकी से देख रहे हैं, पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग कर रहे हैं।
इस क्लिप ने तुरंत पुलिस जांच की मांग को जन्म दिया, और असम पुलिस ने बताया कि वे इस सामग्री की समीक्षा कर रहे हैं ताकि भारतीय दंड संहिता के धारा 384 (बलात्कार) जैसे अपराधों की संभावनाओं का पता लगाया जा सके। जांच के दौरान व्यक्ति की पहचान को गोपनीय रखा गया है।
वह मीडिया मालिक अभी तक इस आरोप पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दे पाया है, और उनके प्रतिनिधियों ने इस ऑडियो को "जाली" और "राजनीतिक रूप से प्रेरित" बताया है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि रिकॉर्डिंग प्रामाणिक सिद्ध होती है तो गंभीर आरोप लग सकते हैं, परन्तु औपचारिक मामला दर्ज करने से पहले फॉरेन्सिक जांच अनिवार्य होगी।
यह घटना क्षेत्रीय समाचार बाजार में मीडिया मालिकों के प्रभाव और नैतिकता पर व्यापक चर्चा को भी उजागर करती है। राज्य के विभिन्न हितधारक इस जांच को बारीकी से देख रहे हैं, पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग कर रहे हैं।