📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kannan Shanmugam studio, Main Road, Kollam
विज्ञान
नेताओं ने एपीजे अब्दुल कलाम का जन्मदिन मनाते हुए श्रद्धांजलि दी
✍️ The Assam Tribune
🗓 15 अक्टू. 2026, 12:15 PM
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देश के प्रमुख नेताओं ने दिवंगत डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, प्रसिद्ध 'मिसाइल मैन', के जन्मदिन पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
नई दिल्ली — डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जन्मदिन के अवसर पर राजनीतिक और वैज्ञानिक प्रमुखों ने पूर्व राष्ट्रपति एवं अंतरिक्ष वैज्ञानिक को सम्मानित करने के लिए एकत्रित हुए। वक्ताओं ने भारत के मिसाइल और अंतरिक्ष कार्यक्रमों में कलाम की भूमिका को उजागर किया तथा युवाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा के प्रति उनके दृष्टिकोण की सराहना की।
रक्षा मंत्रालय और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने संक्षिप्त बयान देते हुए स्वदेशी रक्षा तकनीक में उनके योगदान और इंजीनियरों की पीढ़ियों के मार्गदर्शक के रूप में उनकी विरासत को याद किया।
संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित समारोह में राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र में एक स्मारक पट्टिका का अनावरण और दीप प्रज्वलन के साथ समाप्त हुआ, जो भारत की वैज्ञानिक आकांक्षाओं पर कलाम के स्थायी प्रभाव को दर्शाता है।
डॉ. कलाम के परिवारजन भी उपस्थित थे, जिन्होंने राष्ट्र के उनके आदर्श—ईमानदारी, नवाचार और समावेशी विकास—के प्रति निरंतर सम्मान के लिए धन्यवाद दिया।
यह आयोजन वैज्ञानिक अग्रदूतों को सम्मानित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है और भारत की रक्षा एवं अंतरिक्ष क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की कहानी को सुदृढ़ करता है।
रक्षा मंत्रालय और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने संक्षिप्त बयान देते हुए स्वदेशी रक्षा तकनीक में उनके योगदान और इंजीनियरों की पीढ़ियों के मार्गदर्शक के रूप में उनकी विरासत को याद किया।
संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित समारोह में राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र में एक स्मारक पट्टिका का अनावरण और दीप प्रज्वलन के साथ समाप्त हुआ, जो भारत की वैज्ञानिक आकांक्षाओं पर कलाम के स्थायी प्रभाव को दर्शाता है।
डॉ. कलाम के परिवारजन भी उपस्थित थे, जिन्होंने राष्ट्र के उनके आदर्श—ईमानदारी, नवाचार और समावेशी विकास—के प्रति निरंतर सम्मान के लिए धन्यवाद दिया।
यह आयोजन वैज्ञानिक अग्रदूतों को सम्मानित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है और भारत की रक्षा एवं अंतरिक्ष क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की कहानी को सुदृढ़ करता है।