📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shruthi Gaurav Alva
धर्म
भूस्खलन बचे श्रुति ने गुरुवायुर मंदिर में शादी की
✍️ Outlook India
🗓 08 नव. 2026, 05:59 AM
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वायनाड में भूस्खलन से बची श्रुति ने केरल के गुरुवायुर मंदिर में शादी करके नई शुरुआत की घोषणा की।
वायनाड में पिछले साल हुए भूस्खलन से बचे श्रुति ने केरल के गुरुवायुर मंदिर में पारंपरिक रीति‑रिवाज़ों के साथ शादी की, जिसमें परिवार के निकटतम सदस्य और कुछ शुभचिंतक शामिल हुए।
समारोह में दूल्हा‑दुल्हन ने मालाओं का आदान‑प्रदान किया और सात फेरे (सप्तपदी) पूरे किए, जबकि मंदिर के मुख्य पुजारी ने आशीर्वाद दिया। सभी अनुष्ठान मंदिर के नियमों के अनुसार आयोजित किए गए।
परिवार के लोगों ने कहा कि यह विवाह श्रुति की दृढ़ता का प्रतीक है; भूस्खलन के बाद उसकी जीवन में लौटने की कहानी ने क्षेत्र के कई लोगों को प्रेरित किया है। यह घटना आपदा‑पीड़ितों के प्रति समुदाय के समर्थन को भी उजागर करती है।
राजनीतिक नेताओं की कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई, और ध्यान पूरी तरह से इस व्यक्तिगत उपलब्धि पर रहा। दंपति वायनाड में ही रहने की योजना बना रहे हैं, जहाँ श्रुति अपनी पढ़ाई जारी रखेगी और आपदा‑ग्रस्त परिवारों की मदद करेगी।
गुरुवायुर मंदिर, जो एक प्रमुख तीर्थस्थल है, ने इस छोटे लेकिन भावनात्मक समारोह को अपनाया, जिससे आपदा के बाद विश्वास और उपचार की भूमिका पर प्रकाश पड़ा।
समारोह में दूल्हा‑दुल्हन ने मालाओं का आदान‑प्रदान किया और सात फेरे (सप्तपदी) पूरे किए, जबकि मंदिर के मुख्य पुजारी ने आशीर्वाद दिया। सभी अनुष्ठान मंदिर के नियमों के अनुसार आयोजित किए गए।
परिवार के लोगों ने कहा कि यह विवाह श्रुति की दृढ़ता का प्रतीक है; भूस्खलन के बाद उसकी जीवन में लौटने की कहानी ने क्षेत्र के कई लोगों को प्रेरित किया है। यह घटना आपदा‑पीड़ितों के प्रति समुदाय के समर्थन को भी उजागर करती है।
राजनीतिक नेताओं की कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई, और ध्यान पूरी तरह से इस व्यक्तिगत उपलब्धि पर रहा। दंपति वायनाड में ही रहने की योजना बना रहे हैं, जहाँ श्रुति अपनी पढ़ाई जारी रखेगी और आपदा‑ग्रस्त परिवारों की मदद करेगी।
गुरुवायुर मंदिर, जो एक प्रमुख तीर्थस्थल है, ने इस छोटे लेकिन भावनात्मक समारोह को अपनाया, जिससे आपदा के बाद विश्वास और उपचार की भूमिका पर प्रकाश पड़ा।