📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TAPAS KUMAR HALDER
धर्म
कृष्ण की भविष्यवाणी: महाभारत में कलियुग की घोषणा
✍️ Aaj Tak
🗓 06 सित. 2026, 09:38 AM
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हिंदू परंपरा के अनुसार, भगवान कृष्ण ने महाभारत काल में ही कलियुग की शुरुआत की भविष्यवाणी की है।
हिंदू शास्त्रों में भगवान कृष्ण को कलियुग के आगमन की भविष्यवाणी करने का श्रेय दिया जाता है, जो वर्तमान युग के नैतिक पतन को दर्शाता है। यह दावा महाभारत से जुड़ा है, जहाँ कृष्ण पांडवों के दिव्य मार्गदर्शक के रूप में प्रकट होते हैं और ब्रह्मांडीय युग चक्र के बारे में जानकारी देते हैं।
युग चक्र में चार युग हैं: सत्य, त्रेता, द्वापर और कलि। कृष्ण की शिक्षाएँ प्रत्येक युग के गुण और उनके क्रम के बारे में विस्तृत विवरण देती हैं।
ऐतिहासिक अनुमान के अनुसार कलियुग की शुरुआत 3102 ईसा पूर्व मानी जाती है, जो पुराणिक साहित्य में खगोलीय गणनाओं से निकाली गई है। कथा के अनुसार, कृष्ण की भविष्यवाणियाँ पांडवों को आने वाले सामाजिक और नैतिक परिवर्तनों के लिए तैयार करने हेतु थीं।
विद्वानों का कहना है कि ये कथाएँ पौराणिक परंपरा का हिस्सा हैं, न कि सत्यापित ऐतिहासिक तथ्य। फिर भी, यह कहानी आज भी भारतीय धार्मिक विमर्श में प्रभावशाली है और देशभर में धार्मिक चर्चाओं में उद्धृत की जाती है।
युग चक्र में चार युग हैं: सत्य, त्रेता, द्वापर और कलि। कृष्ण की शिक्षाएँ प्रत्येक युग के गुण और उनके क्रम के बारे में विस्तृत विवरण देती हैं।
ऐतिहासिक अनुमान के अनुसार कलियुग की शुरुआत 3102 ईसा पूर्व मानी जाती है, जो पुराणिक साहित्य में खगोलीय गणनाओं से निकाली गई है। कथा के अनुसार, कृष्ण की भविष्यवाणियाँ पांडवों को आने वाले सामाजिक और नैतिक परिवर्तनों के लिए तैयार करने हेतु थीं।
विद्वानों का कहना है कि ये कथाएँ पौराणिक परंपरा का हिस्सा हैं, न कि सत्यापित ऐतिहासिक तथ्य। फिर भी, यह कहानी आज भी भारतीय धार्मिक विमर्श में प्रभावशाली है और देशभर में धार्मिक चर्चाओं में उद्धृत की जाती है।