📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pratishkhedekar
धर्म
पुरी के श्रीमंदिर में प्रलंबासुर वध का कृष्णलीला
✍️ Kanak News Odisha
🗓 10 सित. 2026, 10:18 AM
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कानक न्यूज़ के अनुसार, पुरी के श्रीमंदिर में प्रलंबासुर वध का कृष्णलीला मंचित किया गया।
पुरी के प्राचीन श्रीमंदिर में गुरुवार को एक भक्ति नाट्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें कृष्णलीला के माध्यम से प्रलंबासुर के वध की कथा को जीवंत किया गया। स्थानीय मंदिर समिति द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम भक्तों और पर्यटकों को प्राचीन कथा से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया।
नाटक में पारम्परिक पोशाक, शास्त्रीय संगीत और नृत्य क्रम शामिल थे। मृदंग और बांसुरी जैसे वाद्य यंत्रों की ध्वनि के साथ कलाकारों ने भगवान कृष्ण और दानव प्रलंबासुर के बीच की महाकाव्य लड़ाई को मंचित किया, अंत में प्रलंबासुर की हार दर्शायी गई।
भक्तों और यात्रियों ने इस प्रस्तुति को उत्साहपूर्वक सराहा, तालियों की गड़गड़ाहट से मंच को गूंजते देखा। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम पुरी को धार्मिक कला का केंद्र बनाकर रखे हुए हैं और समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देते हैं।
कृष्णलीला मंदिर के वार्षिक उत्सव कैलेंडर के साथ मेल खाती है, जिससे शहर की आध्यात्मिक माहौल में इज़ाफ़ा होता है और ओडिशा की समृद्ध पौराणिक नाट्य परम्परा को उजागर किया जाता है।
नाटक में पारम्परिक पोशाक, शास्त्रीय संगीत और नृत्य क्रम शामिल थे। मृदंग और बांसुरी जैसे वाद्य यंत्रों की ध्वनि के साथ कलाकारों ने भगवान कृष्ण और दानव प्रलंबासुर के बीच की महाकाव्य लड़ाई को मंचित किया, अंत में प्रलंबासुर की हार दर्शायी गई।
भक्तों और यात्रियों ने इस प्रस्तुति को उत्साहपूर्वक सराहा, तालियों की गड़गड़ाहट से मंच को गूंजते देखा। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम पुरी को धार्मिक कला का केंद्र बनाकर रखे हुए हैं और समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देते हैं।
कृष्णलीला मंदिर के वार्षिक उत्सव कैलेंडर के साथ मेल खाती है, जिससे शहर की आध्यात्मिक माहौल में इज़ाफ़ा होता है और ओडिशा की समृद्ध पौराणिक नाट्य परम्परा को उजागर किया जाता है।