📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Click2pranabes
अपराध
खोवाई कोर्ट ने गांजा तस्करी में दो लोगों को दस साल की सजा दी
✍️ Northeast Today
🗓 02 सित. 2026, 04:12 AM
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त्रिपुरा के खोवाई जिला कोर्ट ने गांजा तस्करी के दोषी दो व्यक्तियों को दस साल की सजा सुनाई।
त्रिपुरा के खोवाई जिला कोर्ट ने गांजा तस्करी में शामिल दो आरोपियों को दस साल की जेल की सजा सुनाई है। दोनों पर बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप सिद्ध हुए, जिससे अदालत ने कड़ी सजा का आदेश दिया। अभियोजन पक्ष ने अभियुक्तों को राज्य सीमा पार गांजा खरीदने‑बेचने के सबूत पेश किए, जिसके बाद न्यायालय ने दंड निर्धारित किया। साथ ही जब्त किए गए मादक पदार्थ और संबंधित संपत्ति को भी जब्त कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला उत्तरपूर्व में मादक पदार्थों के व्यापार को रोकने के प्रयासों को सुदृढ़ करता है।
यह निर्णय राज्य में हाल ही में बढ़ती नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ की गई कार्रवाई का हिस्सा है। यद्यपि अदालत ने तस्करी की सटीक मात्रा नहीं बताई, लेकिन दस साल की सजा नशा मुक्त नीति को दर्शाती है। दोनों दोषियों को राज्य के कारागार में बंद किया जाएगा, और यह उदाहरण अन्य संभावित तस्करों को हतोत्साहित कर सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह दंड नशा पदार्थ एवं मनोविकारी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा के तहत निर्धारित अधिकतम दंड के अनुरूप है, जो बड़े पैमाने पर तस्करी पर कड़ी सजा देता है। यह मामला त्रिपुरा में पुलिस और न्यायपालिका के समन्वित प्रयासों को उजागर करता है, जो नशा मुक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यह निर्णय राज्य में हाल ही में बढ़ती नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ की गई कार्रवाई का हिस्सा है। यद्यपि अदालत ने तस्करी की सटीक मात्रा नहीं बताई, लेकिन दस साल की सजा नशा मुक्त नीति को दर्शाती है। दोनों दोषियों को राज्य के कारागार में बंद किया जाएगा, और यह उदाहरण अन्य संभावित तस्करों को हतोत्साहित कर सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह दंड नशा पदार्थ एवं मनोविकारी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा के तहत निर्धारित अधिकतम दंड के अनुरूप है, जो बड़े पैमाने पर तस्करी पर कड़ी सजा देता है। यह मामला त्रिपुरा में पुलिस और न्यायपालिका के समन्वित प्रयासों को उजागर करता है, जो नशा मुक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।