📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Aditijain
राजनीति
खरगे ने चुनाव आयोग पर सरकार-सम्बद्ध मतदाता सूची हटाने का आरोप लगाया
✍️ Bhaskar English
🗓 29 सित. 2026, 05:17 PM
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पूर्व चुनाव आयुक्त राहुल खरगे ने मतदाता सूची से नाम हटाने के पीछे सरकार-सम्बद्ध साजिश का आरोप लगाया, कहते हैं कि चुनाव आयोग अब सरकार का प्यादा बन गया है।
पूर्व चुनाव आयुक्त राहुल खरगे ने सार्वजनिक रूप से चुनाव आयोग पर मतदाता सूचियों से नाम हटाने के लिए सरकार-सम्बद्ध साजिश का आरोप लगाया है। खरगे का कहना है कि ये हटाने यादृच्छिक नहीं बल्कि लक्षित हैं, जिनका उद्देश्य कुछ मतदाता समूहों को मतदान से वंचित करना है।
उनके बयान में उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग अब सरकार का प्यादा बन चुका है और उसकी स्वतंत्रता समाप्त हो गई है। उन्होंने हाल ही में लागू की गई मतदाता पंजीकरण दिशानिर्देशों और हजारों नामों के अचानक हटाने को राजनीतिक हस्तक्षेप का प्रमाण बताया।
सरकार ने अभी तक इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, और चुनाव आयोग ने भी इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद से चुनावी अखंडता और आयोग की स्वायत्तता पर बहस शुरू हो सकती है।
यदि इन दावों की पुष्टि होती है, तो मतदाता सूचियों को अपडेट करने की प्रक्रियाओं की जांच की जा सकती है और चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सुधारों की मांग की जा सकती है।
उनके बयान में उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग अब सरकार का प्यादा बन चुका है और उसकी स्वतंत्रता समाप्त हो गई है। उन्होंने हाल ही में लागू की गई मतदाता पंजीकरण दिशानिर्देशों और हजारों नामों के अचानक हटाने को राजनीतिक हस्तक्षेप का प्रमाण बताया।
सरकार ने अभी तक इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, और चुनाव आयोग ने भी इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद से चुनावी अखंडता और आयोग की स्वायत्तता पर बहस शुरू हो सकती है।
यदि इन दावों की पुष्टि होती है, तो मतदाता सूचियों को अपडेट करने की प्रक्रियाओं की जांच की जा सकती है और चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सुधारों की मांग की जा सकती है।