📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Camaal
स्थानीय
खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने 2041 मास्टर प्लान व दादाजी मंदिर निर्माण पर अपडेट दिया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 19 अक्टू. 2026, 08:31 PM
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खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने 2041 के मास्टर प्लान और दादाजी मंदिर के निर्माण की प्रगति पर अधिकारियों को जानकारी दी, आगे के कदमों और संभावित समय‑सीमा का उल्लेख किया।
खंडवा के कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने वरिष्ठ जिला अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की, जिसमें खंडवा 2041 मास्टर प्लान और प्रसिद्ध दादाजी मंदिर के निर्माण को प्रमुख विकास पहल के रूप में समीक्षा किया गया। इस बैठक को “महत्वपूर्ण ब्रीफ़िंग” बताया गया, जहाँ कलेक्टर ने नवीनतम स्थिति रिपोर्ट साझा की और कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों पर चर्चा की।
2041 का मास्टर प्लान, जो अगले दो दशकों में शहर के विकास को दिशा देगा, बुनियादी ढाँचे के विस्तार, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार और सतत भूमि उपयोग को प्रमुखता देता है। गुप्ता ने बताया कि यह योजना राज्य‑स्तरीय नीतियों के साथ संरेखित की जा रही है और विस्तृत परियोजना प्रस्ताव राज्य सरकार को अनुमोदन के लिए भेजे जाएंगे।
दादाजी मंदिर के संबंध में कलेक्टर ने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित समय‑सीमा के अनुसार चल रहा है और यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख सांस्कृतिक और तीर्थस्थल बन जाएगा। इस परियोजना के लिए सरकारी आवंटन के साथ‑साथ स्थानीय समुदाय के योगदान भी उपयोग में लाए जा रहे हैं।
बैठक के अंत में एक कार्यसूची तैयार की गई, जिसमें मास्टर प्लान के कार्यान्वयन के लिए विस्तृत समय‑सीमा बनाना और मंदिर परिसर के डिजाइन विवरण को अंतिम रूप देना शामिल है। अधिकारियों को अगले दो हफ्तों में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
2041 का मास्टर प्लान, जो अगले दो दशकों में शहर के विकास को दिशा देगा, बुनियादी ढाँचे के विस्तार, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार और सतत भूमि उपयोग को प्रमुखता देता है। गुप्ता ने बताया कि यह योजना राज्य‑स्तरीय नीतियों के साथ संरेखित की जा रही है और विस्तृत परियोजना प्रस्ताव राज्य सरकार को अनुमोदन के लिए भेजे जाएंगे।
दादाजी मंदिर के संबंध में कलेक्टर ने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित समय‑सीमा के अनुसार चल रहा है और यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख सांस्कृतिक और तीर्थस्थल बन जाएगा। इस परियोजना के लिए सरकारी आवंटन के साथ‑साथ स्थानीय समुदाय के योगदान भी उपयोग में लाए जा रहे हैं।
बैठक के अंत में एक कार्यसूची तैयार की गई, जिसमें मास्टर प्लान के कार्यान्वयन के लिए विस्तृत समय‑सीमा बनाना और मंदिर परिसर के डिजाइन विवरण को अंतिम रूप देना शामिल है। अधिकारियों को अगले दो हफ्तों में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।