Crime
खानपुर: 65 लाख रुपये के जमीन विवाद में निष्पक्ष जांच की मांग, शिकायतकर्ता ने सीएम से लगाई गुहार
समस्तीपुर के खानपुर में 65 लाख रुपये के जमीन खरीद-बिक्री विवाद का मामला सामने आया है। सतमलपुर निवासी वसीम राजा ने न्याय की गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री और एग्रीमेंट से जुड़े 65 लाख रुपये के एक बड़े विवाद का मामला प्रकाश में आया है। सतमलपुर निवासी वसीम राजा ने इस मामले में न्याय की गुहार लगाई है। वसीम राजा का आरोप है कि वर्ष 2024 में जमीन के एक समझौते के तहत उन्होंने 65 लाख रुपये का भुगतान किया था, लेकिन उन्हें समझौते के अनुसार जमीन नहीं सौंपी गई। उन्होंने बताया कि यह रकम उन्होंने समस्तीपुर स्थित अपनी जमीन बेचकर जुटाई थी।
वसीम राजा के अनुसार, दो बीघा जमीन को लेकर यह एग्रीमेंट हुआ था, लेकिन वर्ष 2025 में संबंधित जमीन अन्य लोगों को बेच दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रकम वापस मांगने और मामले को सुलझाने के कई प्रयासों के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल सका। इस मामले में जमीन बेचने वाले विशाल कुमार का नाम सामने आया है, जिन्हें वसीम राजा ने अलमासनगर कोठी का मालिक बताया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विशाल कुमार को दरभंगा के दोनार इलाके से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
वसीम राजा ने इस प्रकरण में मिथिलेश भगत, श्याम जायसवाल, राम नारायण सिंह और जयराम साहनी सहित अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और कथित मिलीभगत की निष्पक्ष जांच की अपील की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले को लेकर न्यायालय में जमानत संबंधी कार्यवाही हुई है।
इस पूरे मामले में बिहार के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील करते हुए वसीम राजा ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और कानूनी प्रक्रिया के तहत न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि 65 लाख रुपये उनकी जीवनभर की कमाई हैं और वह अपनी शिकायत पर उचित कार्रवाई चाहते हैं। फिलहाल, मामले की पूरी स्थिति जमीन के एग्रीमेंट, भुगतान के प्रमाण, रजिस्ट्री दस्तावेज और पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
वसीम राजा के अनुसार, दो बीघा जमीन को लेकर यह एग्रीमेंट हुआ था, लेकिन वर्ष 2025 में संबंधित जमीन अन्य लोगों को बेच दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रकम वापस मांगने और मामले को सुलझाने के कई प्रयासों के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल सका। इस मामले में जमीन बेचने वाले विशाल कुमार का नाम सामने आया है, जिन्हें वसीम राजा ने अलमासनगर कोठी का मालिक बताया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विशाल कुमार को दरभंगा के दोनार इलाके से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
वसीम राजा ने इस प्रकरण में मिथिलेश भगत, श्याम जायसवाल, राम नारायण सिंह और जयराम साहनी सहित अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और कथित मिलीभगत की निष्पक्ष जांच की अपील की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले को लेकर न्यायालय में जमानत संबंधी कार्यवाही हुई है।
इस पूरे मामले में बिहार के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील करते हुए वसीम राजा ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और कानूनी प्रक्रिया के तहत न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि 65 लाख रुपये उनकी जीवनभर की कमाई हैं और वह अपनी शिकायत पर उचित कार्रवाई चाहते हैं। फिलहाल, मामले की पूरी स्थिति जमीन के एग्रीमेंट, भुगतान के प्रमाण, रजिस्ट्री दस्तावेज और पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।