🔥 ट्रेंडिंग ਪੰਜਾਬ ''ਚ ਚੋਣਾਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹਲਚਲ ਤੇਜ਼!... नेटफ़्लिक्स पर 2026 में अनंद देवराकोंड... NMC ने 2026‑27 में सामुदायिक एवं सामाज... रंजि ट्रॉफी 2026-27 का लाइव स्ट्रीमिंग... अर्जुनाचल के BJP महिला मोर्चा ने JNU क... CAT ने जम्मू-कश्मीर सरकार से 12 रहबर-ए...
10 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
ख़ादी बनती है महिलाओं के सतत सशक्तिकरण का स्रोत
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
बिज़नेस

ख़ादी बनती है महिलाओं के सतत सशक्तिकरण का स्रोत

✍️ jharkhandstatenews.com 🗓 10 अक्टू. 2026, 06:17 PM 👁 17
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

ख़ादी महिलाओं के लिए सतत आजीविका के अवसर बनते हुए पारंपरिक बुनाई कौशल को आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ रही है।

परम्परागत हाथकरघा कपड़ा ख़ादी अब महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के प्रमुख साधन के रूप में उभर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यावरण‑अनुकूल उत्पादन पद्धतियों पर ख़ादी का जोर, सतत विकास लक्ष्यों के साथ मेल खाता है और महिला कारीगरों को आय के नए स्रोत प्रदान करता है।

हाल के कदमों में कौशल प्रशिक्षण, बाज़ार तक पहुँच और उचित मूल्य निर्धारण पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे ख़ादी उत्पादन में जुड़ी महिलाएँ सीधे अपने काम से लाभ उठा सकें। इन उपायों से अनौपचारिक श्रम बाजार पर निर्भरता घटेगी और स्थिर, सम्मानजनक आय का स्रोत स्थापित होगा।

हितधारक यह भी कहते हैं कि ख़ादी का पुनरुत्थान न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करता है, बल्कि लैंगिक‑समावेशी विकास को भी प्रोत्साहित करता है, जिससे ग्रामीण और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में सतत विकास के मॉडल को दोहराया जा सके।
📲Get App