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खंडहर में तब्दील पटवार भवन दे रहा हादसों को न्योता, प्रशासन बेखबर
खंडहर में तब्दील पटवार भवन दे रहा हादसों को न्योता, प्रशासन बेखबर
स्कूल के पास जर्जर भवन से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को खतरा, नए पटवार भवन की उठी मांग
बिड़ला (सरवाड़)। ग्राम पंचायत बिड़ला में वर्षों पुराना पटवार भवन वर्तमान में जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। भवन की क्षतिग्रस्त हालत राहगीरों और ग्रामीणों के लिए खतरा बनी हुई है। भवन के पास ही राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित होने से यहां से गुजरने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जर्जर भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकता है।
विडंबना यह है कि वर्षों से इस भवन की सुध लेने वाला कोई नहीं है। वहीं, गांव में पटवारी के आने पर बैठने के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं होने से किसानों को भी अपनी राजस्व संबंधी समस्याएं रखने में परेशानी होती है। पटवारी को भी इधर-उधर बैठकर ग्रामीणों के कार्य करने पड़ते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते इस समस्या का समाधान करे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं तहसील प्रशासन से मांग की है कि पुराने क्षतिग्रस्त पटवार भवन को तत्काल हटवाकर सुरक्षित स्थान पर नवीन पटवार भवन का निर्माण करवाया जाए।
इससे न केवल विद्यार्थियों एवं राहगीरों को संभावित दुर्घटना से बचाया जा सकेगा, बल्कि किसानों को भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक निश्चित स्थान उपलब्ध होगा।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन ग्रामीणों की इस जनहित की मांग पर कब तक संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करता है, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी।खंडहर में तब्दील पटवार भवन दे रहा हादसों को न्योता, प्रशासन बेखबर
स्कूल के पास जर्जर भवन से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को खतरा, नए पटवार भवन की उठी मांग
बिड़ला (सरवाड़)। ग्राम पंचायत बिड़ला में वर्षों पुराना पटवार भवन वर्तमान में जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। भवन की क्षतिग्रस्त हालत राहगीरों और ग्रामीणों के लिए खतरा बनी हुई है। भवन के पास ही राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित होने से यहां से गुजरने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जर्जर भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकता है।
विडंबना यह है कि वर्षों से इस भवन की सुध लेने वाला कोई नहीं है। वहीं, गांव में पटवारी के आने पर बैठने के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं होने से किसानों को भी अपनी राजस्व संबंधी समस्याएं रखने में परेशानी होती है। पटवारी को भी इधर-उधर बैठकर ग्रामीणों के कार्य करने पड़ते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते इस समस्या का समाधान करे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं तहसील प्रशासन से मांग की है कि पुराने क्षतिग्रस्त पटवार भवन को तत्काल हटवाकर सुरक्षित स्थान पर नवीन पटवार भवन का निर्माण करवाया जाए।
इससे न केवल विद्यार्थियों एवं राहगीरों को संभावित दुर्घटना से बचाया जा सकेगा, बल्कि किसानों को भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक निश्चित स्थान उपलब्ध होगा।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन ग्रामीणों की इस जनहित की मांग पर कब तक संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करता है, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी।
स्कूल के पास जर्जर भवन से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को खतरा, नए पटवार भवन की उठी मांग
बिड़ला (सरवाड़)। ग्राम पंचायत बिड़ला में वर्षों पुराना पटवार भवन वर्तमान में जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। भवन की क्षतिग्रस्त हालत राहगीरों और ग्रामीणों के लिए खतरा बनी हुई है। भवन के पास ही राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित होने से यहां से गुजरने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जर्जर भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकता है।
विडंबना यह है कि वर्षों से इस भवन की सुध लेने वाला कोई नहीं है। वहीं, गांव में पटवारी के आने पर बैठने के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं होने से किसानों को भी अपनी राजस्व संबंधी समस्याएं रखने में परेशानी होती है। पटवारी को भी इधर-उधर बैठकर ग्रामीणों के कार्य करने पड़ते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते इस समस्या का समाधान करे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं तहसील प्रशासन से मांग की है कि पुराने क्षतिग्रस्त पटवार भवन को तत्काल हटवाकर सुरक्षित स्थान पर नवीन पटवार भवन का निर्माण करवाया जाए।
इससे न केवल विद्यार्थियों एवं राहगीरों को संभावित दुर्घटना से बचाया जा सकेगा, बल्कि किसानों को भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक निश्चित स्थान उपलब्ध होगा।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन ग्रामीणों की इस जनहित की मांग पर कब तक संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करता है, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी।खंडहर में तब्दील पटवार भवन दे रहा हादसों को न्योता, प्रशासन बेखबर
स्कूल के पास जर्जर भवन से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को खतरा, नए पटवार भवन की उठी मांग
बिड़ला (सरवाड़)। ग्राम पंचायत बिड़ला में वर्षों पुराना पटवार भवन वर्तमान में जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। भवन की क्षतिग्रस्त हालत राहगीरों और ग्रामीणों के लिए खतरा बनी हुई है। भवन के पास ही राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित होने से यहां से गुजरने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जर्जर भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकता है।
विडंबना यह है कि वर्षों से इस भवन की सुध लेने वाला कोई नहीं है। वहीं, गांव में पटवारी के आने पर बैठने के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं होने से किसानों को भी अपनी राजस्व संबंधी समस्याएं रखने में परेशानी होती है। पटवारी को भी इधर-उधर बैठकर ग्रामीणों के कार्य करने पड़ते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते इस समस्या का समाधान करे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं तहसील प्रशासन से मांग की है कि पुराने क्षतिग्रस्त पटवार भवन को तत्काल हटवाकर सुरक्षित स्थान पर नवीन पटवार भवन का निर्माण करवाया जाए।
इससे न केवल विद्यार्थियों एवं राहगीरों को संभावित दुर्घटना से बचाया जा सकेगा, बल्कि किसानों को भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक निश्चित स्थान उपलब्ध होगा।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन ग्रामीणों की इस जनहित की मांग पर कब तक संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करता है, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी।