📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / whatsthatpicture from Hanwell, London, UK
शिक्षा
केरल की किशोरी ने बनायीं साइकिल‑संचालित वॉशर, पढ़ाई में बचाया समय
✍️ The Economic Times
🗓 31 अग. 2026, 03:36 PM
👁 30
केरल की 14‑साल की छात्रा ने कक्षा X की परीक्षाओं के दौरान हाथ से कपड़े धोने में समय गंवाने के बाद साइकिल‑संचालित वॉशर का आविष्कार किया।
केरल की एक चौदह साल की छात्रा ने पढ़ाई और घर के काम को संतुलित करने के दौरान एक नई खोज की। कक्षा X की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के दौरान वह हाथ से कपड़े धोने में बहुत समय खो रही थी, जिससे पढ़ाई पर असर पड़ रहा था। इस समस्या को हल करने के लिए उसने एक साइकिल‑संचालित वॉशर का आविष्कार किया, जिसमें साइकिल के पेडल चलाने से ड्रम घूमता है और कपड़े साफ होते हैं।
स्थानीय सामग्री से तैयार इस प्रोटोटाइप ने हाथ से धोने की तुलना में धुलाई का समय काफी घटा दिया, जिससे छात्रा को पढ़ाई के लिए अधिक घंटे मिल सके।
शिक्षकों और समुदाय के लोगों ने इस नवाचार की सराहना की, यह कहा कि ऐसे समाधान कई ग्रामीण घरों में उपयोगी हो सकते हैं, जहाँ बिजली की कमी है।
केरल शिक्षा विभाग ने इस परियोजना को आगामी स्कूल विज्ञान मेले में प्रदर्शित करने में रुचि जताई है, जिससे युवा नवाचार को प्रोत्साहन मिले।
भविष्य में इस साइकिल‑वॉशर को और विकसित कर व्यापक स्तर पर लागू किया जा सकता है, जिससे कई परिवारों को किफायती और पर्यावरण‑मित्र समाधान मिल सकेगा।
स्थानीय सामग्री से तैयार इस प्रोटोटाइप ने हाथ से धोने की तुलना में धुलाई का समय काफी घटा दिया, जिससे छात्रा को पढ़ाई के लिए अधिक घंटे मिल सके।
शिक्षकों और समुदाय के लोगों ने इस नवाचार की सराहना की, यह कहा कि ऐसे समाधान कई ग्रामीण घरों में उपयोगी हो सकते हैं, जहाँ बिजली की कमी है।
केरल शिक्षा विभाग ने इस परियोजना को आगामी स्कूल विज्ञान मेले में प्रदर्शित करने में रुचि जताई है, जिससे युवा नवाचार को प्रोत्साहन मिले।
भविष्य में इस साइकिल‑वॉशर को और विकसित कर व्यापक स्तर पर लागू किया जा सकता है, जिससे कई परिवारों को किफायती और पर्यावरण‑मित्र समाधान मिल सकेगा।