📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Augustus Binu/ www.dreamsparrow.net/ facebook
स्वास्थ्य
केरल हाई कोर्ट जज ने दृष्टिहीन लोगों के लिए बाधा‑मुक्त स्थानों की माँग की
✍️ India Today
🗓 20 अक्टू. 2026, 01:32 AM
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केरल हाई कोर्ट के जज ने दृष्टिहीन नागरिकों के लिए सार्वजनिक स्थानों को बाधा‑मुक्त बनाने का निर्देश दिया है।
केरल हाई कोर्ट के एक जज ने सरकारी विभागों और निजी संस्थानों से दृश्टिहीन व्यक्तियों की गतिशीलता में बाधा डालने वाले शारीरिक अवरोधों को हटाने का निर्देश दिया है। यह आदेश हालिया सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें विकलांग अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुपालन पर बल दिया गया, जो सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे को सुलभ बनाने की मांग करता है।
जज ने बताया कि कई सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक इमारतों में अभी भी असमान रास्ते, बिना संकेत के सीढ़ियाँ और अन्य बाधाएँ मौजूद हैं, जो दृष्टिहीन लोगों की स्वतंत्रता को सीमित करती हैं। बाधा‑मुक्त क्षेत्रों की माँग करके न्यायालय राज्य भर में अधिक सुरक्षित और समावेशी माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।
प्राधिकरणों को मौजूदा स्थानों का सर्वेक्षण करने, टैक्टाइल पेविंग, रैंप और स्पष्ट संकेत स्थापित करने तथा इन सुविधाओं के नियमित रख‑रखाव को सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। यह निर्देश दिव्यांग नागरिकों के अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है और भारत की सार्वभौमिक सुलभता के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।
जज ने बताया कि कई सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक इमारतों में अभी भी असमान रास्ते, बिना संकेत के सीढ़ियाँ और अन्य बाधाएँ मौजूद हैं, जो दृष्टिहीन लोगों की स्वतंत्रता को सीमित करती हैं। बाधा‑मुक्त क्षेत्रों की माँग करके न्यायालय राज्य भर में अधिक सुरक्षित और समावेशी माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।
प्राधिकरणों को मौजूदा स्थानों का सर्वेक्षण करने, टैक्टाइल पेविंग, रैंप और स्पष्ट संकेत स्थापित करने तथा इन सुविधाओं के नियमित रख‑रखाव को सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। यह निर्देश दिव्यांग नागरिकों के अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है और भारत की सार्वभौमिक सुलभता के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।