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नौकरी
केरल हाई कोर्ट ने केएसआरटीसी कर्मचारियों के ग्रैच्युटी अधिकार को कायम किया
✍️ The Times of India
🗓 03 सित. 2026, 10:03 AM
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केरल हाई कोर्ट ने केएसआरटीसी कर्मचारियों को ग्रैच्युटी लाभ देने के अपने पिछले आदेश को बरकरार रखा, जिससे निगम की वित्तीय जिम्मेदारियों को सुदृढ़ किया गया।
केरल हाई कोर्ट ने सोमवार को यह पुष्टि की कि केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (केएसआरटीसी) को कर्मचारियों को ग्रैच्युटी लाभ प्रदान करना कानून के तहत अनिवार्य है। न्यायालय ने कहा कि केरल ग्रैच्युटी एक्ट के तहत यह दायित्व नहीं छोड़ा या टाला जा सकता।
केएसआरटीसी ने ग्रैच्युटी की राशि और भुगतान समयसारिणी को लेकर स्पष्टता माँगी थी, यह तर्क देते हुए कि वित्तीय दबाव उसके संचालन को प्रभावित कर सकता है। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारी कल्याण के प्रावधान वैधानिक हैं और इन्हें वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद लागू करना होगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश हजारों केएसआरटीसी कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा को सुदृढ़ करता है और राज्य के अन्य सार्वजनिक संस्थानों के लिए एक मिसाल स्थापित करता है। निगम को आदेश का शीघ्र पालन करना होगा, जबकि वह वित्तीय प्रभाव को संभालने के लिए विकल्पों की तलाश कर सकता है।
यह फैसला अन्य राज्य‑स्वामित्व वाले संस्थानों को कर्मचारियों के लाभ संबंधी कानूनों के पालन की चेतावनी देता है, जिससे न्यायपालिका की कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा में भूमिका स्पष्ट होती है।
केएसआरटीसी ने ग्रैच्युटी की राशि और भुगतान समयसारिणी को लेकर स्पष्टता माँगी थी, यह तर्क देते हुए कि वित्तीय दबाव उसके संचालन को प्रभावित कर सकता है। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारी कल्याण के प्रावधान वैधानिक हैं और इन्हें वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद लागू करना होगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश हजारों केएसआरटीसी कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा को सुदृढ़ करता है और राज्य के अन्य सार्वजनिक संस्थानों के लिए एक मिसाल स्थापित करता है। निगम को आदेश का शीघ्र पालन करना होगा, जबकि वह वित्तीय प्रभाव को संभालने के लिए विकल्पों की तलाश कर सकता है।
यह फैसला अन्य राज्य‑स्वामित्व वाले संस्थानों को कर्मचारियों के लाभ संबंधी कानूनों के पालन की चेतावनी देता है, जिससे न्यायपालिका की कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा में भूमिका स्पष्ट होती है।