📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Fotokannan
शिक्षा
केरल शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय प्रमुखों से अपील, विभाजनकारी समूहों से दूर रहें
✍️ India Today
🗓 05 सित. 2026, 01:03 PM
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केरल शिक्षा मंत्री ने राज्य विश्वविद्यालयों के प्रमुखों से राजनीतिक तटस्थता बनाए रखने और विभाजनकारी संगठनों से दूर रहने का आग्रह किया।
केरल के शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय उपकुलपति को संबोधित करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को किसी भी पार्टिसन प्रभाव से दूर रहना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि विभाजनकारी समूहों के साथ कोई भी जुड़ाव उच्च शिक्षा की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचा सकता है।
मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालयों को समावेशी शिक्षा प्रदान करने का संवैधानिक कर्तव्य है और उनके प्रमुखों को निरपेक्षता का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले संगठनों के साथ स्पष्ट या परोक्ष संबंधों को अस्वीकार किया जाना चाहिए।
यह बयान देश में कैंपस राजनीति और बाहरी समूहों के संभावित प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। जबकि अभी कोई तत्काल नीति परिवर्तन घोषित नहीं किया गया, मंत्री ने कहा कि इस दिशा‑निर्देश की निगरानी की जाएगी और अनुपालन न करने पर प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालयों को समावेशी शिक्षा प्रदान करने का संवैधानिक कर्तव्य है और उनके प्रमुखों को निरपेक्षता का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले संगठनों के साथ स्पष्ट या परोक्ष संबंधों को अस्वीकार किया जाना चाहिए।
यह बयान देश में कैंपस राजनीति और बाहरी समूहों के संभावित प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। जबकि अभी कोई तत्काल नीति परिवर्तन घोषित नहीं किया गया, मंत्री ने कहा कि इस दिशा‑निर्देश की निगरानी की जाएगी और अनुपालन न करने पर प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।