📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Manojk
धर्म
केरल पुरातत्व विभाग दो बौद्ध प्रतिमाओं के संरक्षण कार्य को शुरू करेगा
✍️ The Times of India
🗓 11 सित. 2026, 02:33 AM
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केरल पुरातत्व विभाग ने दो बौद्ध प्रतिमाओं के संरक्षण कार्य को शुरू करने की योजना की घोषणा की, जिससे इन सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित किया जा सके।
केरल के पुरातत्व विभाग ने दो बौद्ध प्रतिमाओं के संरक्षण कार्य को शुरू करने की पुष्टि की है, जो राज्य की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा हैं। इस पहल का उद्देश्य प्रतिमाओं को स्थिर करना, आगे के क्षरण को रोकना और भविष्य की पीढ़ियों के लिए उनका संरक्षण सुनिश्चित करना है।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संरक्षण विशेषज्ञों और विरासत विशेषज्ञों की एक टीम को शीघ्र ही तैनात किया जाएगा, जो प्राचीन पत्थर और धातु की वस्तुओं के लिए उपयुक्त मानक तकनीकों का उपयोग करेगी। यह परियोजना राष्ट्रीय धरोहर निकायों द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार की जाएगी।
यह कदम केरल के विविध ऐतिहासिक स्मारकों, जिनमें सदियों पुरानी बौद्ध प्रतिमाएँ भी शामिल हैं, को सुरक्षित रखने के व्यापक प्रयासों को दर्शाता है। सुरक्षा और संरक्षण कारणों से प्रतिमाओं के सटीक स्थान का खुलासा नहीं किया गया है।
संरक्षण कार्य के लिए वित्तीय सहायता राज्य के विरासत बजट से और केंद्रीय सरकार की सांस्कृतिक संरक्षण अनुदानों से प्रदान की जाएगी। कार्य की प्रगति के बारे में विभाग आगे जानकारी देगा।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संरक्षण विशेषज्ञों और विरासत विशेषज्ञों की एक टीम को शीघ्र ही तैनात किया जाएगा, जो प्राचीन पत्थर और धातु की वस्तुओं के लिए उपयुक्त मानक तकनीकों का उपयोग करेगी। यह परियोजना राष्ट्रीय धरोहर निकायों द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार की जाएगी।
यह कदम केरल के विविध ऐतिहासिक स्मारकों, जिनमें सदियों पुरानी बौद्ध प्रतिमाएँ भी शामिल हैं, को सुरक्षित रखने के व्यापक प्रयासों को दर्शाता है। सुरक्षा और संरक्षण कारणों से प्रतिमाओं के सटीक स्थान का खुलासा नहीं किया गया है।
संरक्षण कार्य के लिए वित्तीय सहायता राज्य के विरासत बजट से और केंद्रीय सरकार की सांस्कृतिक संरक्षण अनुदानों से प्रदान की जाएगी। कार्य की प्रगति के बारे में विभाग आगे जानकारी देगा।