📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Salkumar E S
अपराध
केसी वेणुगोपाल ने अमित शाह से ईसाई पर हमले के आरोपी को गिरफ्तार करने को कहा
✍️ The Times of India
🗓 25 अक्टू. 2026, 05:31 AM
👁 19
कानून मंत्री केसी वेणुगोपाल ने गृह मंत्री अमित शाह से ईसाई पर हुए हमले के आरोपी को गिरफ्तार करने का आग्रह किया।
कानून मंत्री केसी वेणुगोपाल ने गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया है कि वह एक ईसाई पर हुए हिंसक हमले के आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कराए, जिन्हें धर्म त्यागने के लिए दबाव डालने का आरोप है। वेणुगोपाल ने इस घटना को न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का उल्लंघन, बल्कि धार्मिक विश्वास पर आक्रमण बताया। उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा दी गई धर्म की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए तेज़ कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।
इस हमले की सूचना इस हफ्ते की शुरुआत में मिली थी, जिसमें एक ईसाई व्यक्ति पर शारीरिक हमला किया गया और उसे अपने धर्म को त्यागने के लिए मजबूर किया गया। स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज किया है, परंतु अभी तक आरोपी पकड़े नहीं गए, इसलिए वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार की भागीदारी की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसे घृणा‑आधारित अपराधों को बढ़ावा मिल सकता है।
अभी तक अमित शाह ने इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परंतु गृह मंत्रालय से उम्मीद की जा रही है कि वह राज्य प्राधिकरणों के साथ मिलकर आरोपी को खोजने और गिरफ्तार करने की प्रक्रिया तेज़ करेगा। इस घटना ने अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं में चिंता बढ़ा दी है, जो धार्मिक सुरक्षा के लिए कड़े कदम की मांग कर रहे हैं।
यह विकास भारत में धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी मौजूदा तनावों को उजागर करता है और सरकार की जिम्मेदारी को दर्शाता है कि वह घृणा अपराधों को तुरंत सजा दिलाए। अधिकारियों से अनुरोध है कि जांच को शीघ्र पूरा कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाए।
इस हमले की सूचना इस हफ्ते की शुरुआत में मिली थी, जिसमें एक ईसाई व्यक्ति पर शारीरिक हमला किया गया और उसे अपने धर्म को त्यागने के लिए मजबूर किया गया। स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज किया है, परंतु अभी तक आरोपी पकड़े नहीं गए, इसलिए वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार की भागीदारी की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसे घृणा‑आधारित अपराधों को बढ़ावा मिल सकता है।
अभी तक अमित शाह ने इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परंतु गृह मंत्रालय से उम्मीद की जा रही है कि वह राज्य प्राधिकरणों के साथ मिलकर आरोपी को खोजने और गिरफ्तार करने की प्रक्रिया तेज़ करेगा। इस घटना ने अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं में चिंता बढ़ा दी है, जो धार्मिक सुरक्षा के लिए कड़े कदम की मांग कर रहे हैं।
यह विकास भारत में धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी मौजूदा तनावों को उजागर करता है और सरकार की जिम्मेदारी को दर्शाता है कि वह घृणा अपराधों को तुरंत सजा दिलाए। अधिकारियों से अनुरोध है कि जांच को शीघ्र पूरा कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाए।